दिल्ली : संसद में पश्चिम एशिया संकट पर विपक्ष का प्रदर्शन, खरगे-थरूर ने मोदी सरकार को घेरा

New Delhi : सोमवार को संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया. पश्चिम एशिया संकट को लेकर...

New Delhi : सोमवार को संसद की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने जोरदार प्रदर्शन किया. पश्चिम एशिया संकट को लेकर राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत अन्य विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते राजनीतिक हालात का प्रभाव सीधे भारत पर पड़ रहा है. भारत अपनी कुल ऊर्जा का लगभग 55 फीसदी हिस्सा पश्चिम एशिया से प्राप्त करता है. कांग्रेस नेता ने कहा कि क्षेत्र में अस्थिरता के कारण भारत पर इसका गंभीर असर पड़ता है, क्योंकि लगभग एक करोड़ भारतीय वहां काम कर रहे हैं. हाल के घटनाक्रम में कई भारतीय नागरिक मारे गए और कई लापता हैं. इसके बाद सदन में विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया.

जेपी नड्डा का पलटवार, कहा- विपक्ष है गैर जिम्मेदार

वहीं राज्यसभा में भाजपा सांसद जेपी नड्डा ने कहा कि देश के हित में किए जा रहे कामों के बावजूद विपक्ष समय-समय पर सदन से वॉक आउट करता है. जेपी नड्डा ने कहा एनर्जी और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विदेश मंत्री ने सभी सवालों का संतोषजनक जवाब दिया. दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है. इसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है. जेपी नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में वहीं बैठे रहोगे और घटते चले जाओगे.

संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू विपक्ष पर हुए गरम

लोकसभा में विपक्ष की नारेबाजी और हंगामे को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें खुद ही नहीं पता कि वे क्या करना चाहते हैं. रिजिजू ने कहा कि आज सदन में उसी प्रस्ताव पर चर्चा तय है जिसे विपक्ष ने ही पेश किया है, इसके बावजूद वे लगातार हंगामा कर रहे हैं.

तेल खरीद पर अमेरिका के दबाव का आरोप

वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भारत की विदेश नीति को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अमेरिका यह तय करने की कोशिश कर रहा है कि भारत को तेल किस देश से खरीदना चाहिए. अखिलेश यादव ने कहा कि इस मुद्दे पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा विषय है.

शशि थरूर ने विदेश मंत्री के बयान पर जताई आपत्ति

संसद में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विदेश मंत्री के बयान को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि केवल एक बयान पढ़ देना और सदन के सदस्यों को सवाल पूछने या अपनी बात रखने का अवसर न देना उचित नहीं है. कांग्रेस सांसद ने कहा कि मुख्य मुद्दा यह है कि सांसदों को इस विषय पर चर्चा करने का मौका मिलना चाहिए. थरूर ने यह भी कहा कि सरकार को कम से कम संसद जैसे मंच का उपयोग करते हुए देश के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों की राय सुननी चाहिए, ताकि इस तरह के संवेदनशील विषयों पर व्यापक दृष्टिकोण सामने आ सके.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *