अड़की: प्रखंड क्षेत्र के बिरबांकी पंचायत अंतर्गत चुकलू गांव गुरुवार को क्षेत्रीय विकास की नई दिशा तय करने का साक्षी बना, जब यहां 12 मौजा के ग्रामीणों की एक बड़ी संयुक्त बैठक आयोजित हुई. गांव के प्रधान किरण सोए की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में झामुमो जिला प्रवक्ता सह विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल की मौजूदगी ने इसे और अहम बना दिया.

ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं
बैठक में अलग-अलग गांवों से पहुंचे ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं. सबसे ज्यादा चिंता पेयजल संकट, बिजली की अनियमित आपूर्ति, जर्जर सड़कों और तालाबों की कमी को लेकर दिखी. ग्रामीणों ने कहा कि इन बुनियादी जरूरतों की अनदेखी के कारण उनका दैनिक जीवन लगातार प्रभावित हो रहा है, जिससे विकास की रफ्तार भी थमी हुई है.
हालांकि, इस बैठक की खास बात सिर्फ समस्याओं का जिक्र नहीं, बल्कि समाधान की ठोस दिशा तय करना रहा. खासकर रोजगार के मुद्दे पर गंभीर मंथन हुआ. वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि गांव में ही रोजगार के अवसर तैयार किए जाएं, ताकि युवाओं का पलायन रोका जा सके. इसके लिए मधुमक्खी पालन, बकरी पालन और मशरूम उत्पादन जैसे स्वरोजगार मॉडल को बढ़ावा देने की मांग प्रमुखता से उठी.
प्रशिक्षण शिविर लगाने की मांग
ग्रामीणों ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले क्षेत्रीय विधायक विकास कुमार मुंडा के साथ हुई बैठक में भी इन योजनाओं के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाने की मांग की गई थी और इस संबंध में खूंटी उपायुक्त को अवगत कराया जा चुका है. अब ग्रामीणों ने इन योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जल्द पहल तेज करने की मांग दोहराई.
बैठक के अंत में एकजुटता का संदेश देते हुए यह तय किया गया कि क्षेत्र के विकास से जुड़े सभी मुद्दों को प्राथमिकता के साथ संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास जारी रहेगा.
ये रहे मौजूद
इस दौरान सुसारण नाग, कल्याण टूटी, सादो मुंडा, प्रभा सहाय पुर्ती, सुंदरा मुंडा, मोमोहन सिंह मुंडा, बयार सिंह पुर्ती, आंद्रियास बराउद, मुची मुंडा, किस्टो दास भेंगरा, चीड़ी मुड़ा समेत रादाबसा, उलिलोहर, सहिलोर, बारगीडीह, सारयमदा, पतरा, रूगडू, मनिबेडा, टोरांगडीह, लोटा हुरुंग और खास पतरा सहित विभिन्न मौजा के सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे.
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