हजारीबाग: जिले में आने वाले दिनों में पेयजल संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है. कटकमसांडी प्रखंड क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध छड़वा डैम में पानी का स्तर तेजी से घट गया है. जानकारी के अनुसार डैम में अब लगभग 17 फीट पानी ही शेष बचा है, जिससे शहर सहित आसपास के कई इलाकों में पानी की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ने लगी है.

फाटक टूटने से तेजी से गिरा जलस्तर
बताया जा रहा है कि हाल ही में डैम का फाटक टूट जाने के कारण पानी का स्तर काफी नीचे चला गया था. हालांकि फिलहाल फाटक की मरम्मत कर दी गई है, लेकिन तब तक काफी मात्रा में पानी बह चुका था. इसके बावजूद जलस्तर कम रहने से लोगों में भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है.
शहर और कई पंचायतों की जलापूर्ति इसी डैम पर निर्भर
छड़वा डैम हजारीबाग शहर के लिए पेयजल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत माना जाता है. इसी डैम से हजारीबाग शहर के अलावा कटकमसांडी प्रखंड क्षेत्र के कंचनपुर, रोमी और गदोखर पंचायत में भी पानी की आपूर्ति की जाती है. ऐसे में डैम में जलस्तर कम होने से हजारों लोगों के सामने पानी की समस्या खड़ी होने की संभावना जताई जा रही है.
गर्मी शुरू होते ही बढ़ी चिंता
गर्मी का मौसम धीरे-धीरे शुरू हो रहा है और इसी समय जलस्तर में गिरावट चिंता का कारण बन गया है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले डैम का फाटक क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण बड़ी मात्रा में पानी बह गया और जलस्तर अचानक कम हो गया.
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समय पर रखरखाव नहीं होने का आरोप
हालांकि विभाग की ओर से फाटक की मरम्मत कर दी गई है, लेकिन तब तक काफी पानी निकल चुका था. ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते डैम के रखरखाव और निगरानी पर ध्यान दिया जाता तो शायद इतनी बड़ी मात्रा में पानी की क्षति नहीं होती.
प्रशासन के लिए बढ़ी चिंता
गर्मी के दिनों में पानी की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है. ऐसे में डैम में मात्र 17 फीट पानी का रह जाना प्रशासन और संबंधित विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई तो आने वाले महीनों में हजारीबाग शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.
डैम की नियमित निगरानी की जरूरत
लोगों का यह भी कहना है कि छड़वा डैम के रखरखाव और सुरक्षा को लेकर नियमित निगरानी की जरूरत है. समय-समय पर मरम्मत और देखरेख नहीं होने के कारण ऐसी समस्याएं सामने आती हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है.
जल संरक्षण और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि छड़वा डैम के जलस्तर को बनाए रखने के लिए जल संरक्षण के उपाय किए जाएं. साथ ही पेयजल आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जाए.
मरम्मत के बाद भी चिंता बरकरार
फिलहाल छड़वा डैम के फाटक की मरम्मत होने से स्थिति कुछ हद तक नियंत्रित हुई है, लेकिन जलस्तर कम रहने के कारण लोगों की चिंता अभी भी बनी हुई है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस समस्या को लेकर आगे क्या कदम उठाता है, ताकि हजारीबाग शहर और आसपास के पंचायतों में रहने वाले लोगों को भविष्य में पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े.

