Ranchi: झारखंड की राजनीति में बुधवार को एक दुर्लभ और सकारात्मक तस्वीर देखने को मिली. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिछले 6 साल के कार्यकाल में पहली बार नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे. अवसर था राज्य में लोकायुक्त और मुख्य सूचना आयुक्त के चयन के लिए बुलाई गई महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक का. लंबे समय से खाली पड़े संवैधानिक पदों को भरने के लिए मुख्यमंत्री आवास में चयन समिति की बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक में मुख्य रूप से दो पदों पर चर्चा हुई जिनमें लोकायुक्त का चयन और मुख्य सूचना आयुक्त शामिल है.
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सत्ता पक्ष और विपक्ष में रही है कड़वाहट
बता दें कि साल 2019 में हेमंत सोरेन की सरकार बनने के बाद से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट और कानूनी लड़ाइयां चरम पर रही हैं. बाबूलाल मरांडी अक्सर सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर मुखर रहे हैं, हालांकि, संवैधानिक बाध्यताओं और राज्य के विकास के हित में दोनों नेता साथ नजर आए. चयन समिति की इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की. इसमें नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के अलावा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभाग के सचिव भी उपस्थित रहे.
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