हजारीबाग: पुलिस की हिरासत में लिए जाने के 15 घंटे बाद पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी, पूर्व विधायक निर्मला देवी को मुक्त कर दिया गया. दोनों को शुक्रवार की सुबह केरेडारी थाना से छोड़ा गया.

गुरुवार को लिया था हिरासत में
उल्लेखनीय है कि झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी, पूर्व विधायक निर्मला देवी को हजारीबाग में केरेडारी पुलिस ने गुरुवार की दोपहर लगभग तीन बजे हिरासत में लिया था. उनके साथ धरना दे रहे पांच समर्थकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था. सभी को पहले पगार ओपी ले जाया गया.
31 दिसंबर 2025 से आंदोलनरत थे दोनों
गौरतलब है कि NTPC की चट्टी बारियातु कोयला खनन परियोजना के खिलाफ पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी, पूर्व विधायक निर्मला देवी पिछले 31 दिसंबर 2025 से आंदोलनरत थे. उनके साथ समर्थक रामकुमार दुबे, कीर्तन राम और तीन अन्य महिलाएं भी शामिल थीं. पगार ओपी और केरेडारी थाना की पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया. पहले उन्हें पगार ओपी ले जाया गया और फिर शाम करीब चार बजे केरेडारी थाना लाया गया.
विरोध के कारण बंद थे काम
पूर्व मंत्री के विरोध के कारण 19 जनवरी से सीबी माइंस में खनन कार्य और 27 जनवरी से ट्रांसपोर्टेशन बंद था. करीब 30 दिन बाद, 18 फरवरी को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक सहयोग से सीबी माइंस में खनन और परिवहन कार्य फिर से शुरू कराया गया.
हालांकि, गुरुवार को पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने लगभग आधे घंटे के लिए CHP को फिर से बंद करा दिया, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर जबरन काम शुरू कराया. इससे पहले, 31 जनवरी की रात उन्होंने ट्रांसपोर्टिंग रोड पर दीवार खड़ी कर दी थी, जिसे अगले दिन पुलिस ने ध्वस्त कर दिया था.
हिरासत में लेने का निर्देश दिया गया था
पूर्व मंत्री के आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन ने गुरुवार को कार्यपालक दंडाधिकारी प्रेम कुमार को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया. बड़कागांव SDPO पवन कुमार, केरेडारी थाना प्रभारी विवेक कुमार और पगार ओपी प्रभारी दिनेश कुमार मंडल को विरोध स्थल पर भेजा गया और वहां मौजूद सभी लोगों को हिरासत में लेने का निर्देश दिया गया था.

