National News: विदेश मंत्रालय ने शनिवार को जानकारी दी कि भारत के लिए एलपीजी लेकर रवाना हुए कुछ जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर चुके हैं और अब भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिल्ली में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि क्षेत्र में तनाव के बावजूद भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और कूटनीतिक प्रयास कर रहा है.
दो भारतीय जहाजों ने पार किया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
रणधीर जायसवाल के अनुसार भारत के दो जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ सफलतापूर्वक इस अहम जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं. इन दोनों जहाजों में बड़ी मात्रा में एलपीजी लदी हुई है. उन्होंने बताया कि हर जहाज में 46 हजार मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी मौजूद है. इस तरह कुल मिलाकर लगभग 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी भारत की ओर आ रही है, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति को मजबूती मिलेगी.
खाड़ी क्षेत्र में कई जहाज स्टैंडबाय पर
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि खाड़ी क्षेत्र में कई भारतीय जहाज फिलहाल स्टैंडबाय स्थिति में हैं. भारत संबंधित देशों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है ताकि जहाजों का आवागमन सुरक्षित और निर्बाध बना रहे. सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मौजूदा क्षेत्रीय तनाव के बावजूद ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित न हो.
ऊर्जा ढांचे को निशाना न बनाने की अपील
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि क्षेत्र में ऊर्जा और आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए. भारत ने सभी पक्षों से अपील की है कि नागरिक और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने से बचा जाए. उनका कहना है कि यह केवल भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक समुदाय की भी बड़ी प्राथमिकता है.
कई देशों से संपर्क में भारत
क्षेत्र में जारी तनाव को देखते हुए भारत ने कई अहम देशों से संपर्क बनाए रखा है. इसमें गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के सदस्य देश, ईरान, अमेरिका और इजरायल शामिल हैं. विभिन्न कूटनीतिक और राजनीतिक स्तरों पर बातचीत जारी है ताकि भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को प्रभावी ढंग से रखा जा सके. सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने भी क्षेत्र के कुछ नेताओं से बातचीत की है. इसके अलावा विदेश मंत्री और भारतीय दूतावास लगातार संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं.
उड़ानों में व्यवधान से भारत में फंसे ईरानी नागरिक
क्षेत्रीय संघर्ष के कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं प्रभावित हुई हैं. इसके चलते कुछ ईरानी नागरिक भारत में ही फंस गए थे, जिनमें पर्यटक और राजनयिक भी शामिल थे. ईरान सरकार ने इन नागरिकों को वापस ले जाने के लिए एक चार्टर्ड फ्लाइट की व्यवस्था की. यह उड़ान कोच्चि से रवाना हुई, जिसमें फंसे हुए नागरिकों के साथ आईआरआईएस लवन नामक ईरानी जहाज के कुछ गैर-जरूरी क्रू सदस्य भी सवार थे. यह जहाज फिलहाल कोच्चि बंदरगाह पर खड़ा है.
संतुलित और सतर्क रणनीति पर भारत
सरकार का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत संतुलित और सतर्क रुख अपनाए हुए है. एक ओर जहां ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक स्तर पर संवाद जारी रखा गया है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है. भारत भी अपनी तेल और गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आयात करता है.
सरकार का कहना है कि सभी पक्षों से संवाद जारी रहेगा ताकि ऊर्जा आपूर्ति में किसी प्रकार की बड़ी बाधा न आए और देश की आवश्यकताओं को समय पर पूरा किया जा सके.
यह भी पढ़ें: बंगाल एक बार फिर बनेगा विकसित बंगाल, पुराना गौरव करेगा हासिल : प्रधानमंत्री
