Hazaribagh: रविवार को हुई महज एक से डेढ़ घंटे की मूसलाधार बारिश ने हजारीबाग शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी. तेज बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए. मुख्य सड़कें, रिहायशी कॉलोनियां और नेशनल हाईवे तक पानी में डूब गए. जलजमाव के कारण लोगों के घरों, दुकानों और कार्यालयों में पानी घुस गया, जबकि कई स्थानों पर यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा.
फोरलेन हाईवे बना नदी, ट्रकों से उठीं लहरें
बारिश के बाद हजारीबाग फोरलेन (एनएच) पर इंटर साइंस कॉलेज के पास भारी जलजमाव हो गया. स्थिति ऐसी हो गई कि बड़े वाहनों के गुजरने पर पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी हुई. इंटर साइंस कॉलेज से भारत माता चौक और निर्मल सिंह ढाबा तक सड़क के दोनों ओर पानी भर गया. कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए और लंबा जाम लग गया.
कमर्शियल हब में घुसा पानी, व्यापारियों को हुआ नुकसान
शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र गुरु गोबिंद सिंह रोड पर भी जलजमाव की गंभीर स्थिति रही. आनन्दा चौक के पास गुरुकुल कोचिंग वाली गली, मान्यवर शोरूम के आसपास तथा लेंसकार्ट, तनिष्क और टाइटन आई प्लस जैसे प्रतिष्ठानों के सामने घुटनों तक पानी भर गया. कई दुकानों और कार्यालयों के भीतर पानी घुसने से व्यापारियों को जरूरी दस्तावेज और सामान सुरक्षित स्थान पर रखना पड़ा.

रिहायशी इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
बसंत विहार कॉलोनी, झिंझिरिया पुल, हुरहुरु बाबा पथ, विष्णुपुरी और कुम्हार टोली जीवन पथ समेत कई रिहायशी क्षेत्रों में जलजमाव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. बसंत विहार कॉलोनी में तीन से चार फीट तक पानी भर गया, जिससे कई परिवार घरों में ही फंस गए. स्थानीय लोगों ने नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए.
गड्ढों और जलजमाव से बढ़े हादसे
बारिश के दौरान पानी से ढके गड्ढों के कारण कई वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हुए. रेलवे ओवरब्रिज के नीचे और विष्णुपुरी रोड पर कई बाइक सवार गिरकर घायल हो गए. वहीं, दो से तीन ई-रिक्शा (टोटो) भी अनियंत्रित होकर पलट गए. स्थानीय लोगों की मदद से यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने नगर निगम, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर जल निकासी व्यवस्था को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया. उनका कहना है कि हर साल बारिश में ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है.
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