रांची : झारखंड उच्च न्यायालय में राज्य के विभिन्न जिलों में पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामलों में न्यायिक जांच नहीं कराए जाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. मुख्य न्यायाधीश और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य के गृह सचिव से पूछा है कि संबंधित मामलों में ज्यूडिशियल इंक्वायरी कराई गई है या नहीं. अदालत ने यह भी स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि क्या जांच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइन के अनुरूप हुई है या नहीं. मामले की अगली सुनवाई जुलाई में निर्धारित की गई है.

धनबाद के मुमताज अंसारी की जनहित याचिका पर सुनवाई
यह जनहित याचिका धनबाद निवासी मुमताज अंसारी की ओर से दाखिल की गई है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शदाब अंसारी पैरवी कर रहे हैं. याचिका में आरोप लगाया गया है कि हिरासत में मौत जैसे गंभीर मामलों में अनिवार्य न्यायिक जांच की प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है, जिस पर अदालत ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है.

