रांची: सिविल सर्जन कार्यालय, रांची के सभागार में आज इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) के तहत एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस प्रशिक्षण की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने की. कार्यक्रम में जिले के सभी प्रमुख स्वास्थ्य पदाधिकारी और प्रखंड स्तर के कर्मी शामिल हुए.

समय पर रिपोर्टिंग ही सबसे बड़ा हथियार
प्रशिक्षण में IHIP ऑनलाइन पोर्टल के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी गई. अधिकारियों ने बताया कि अगर बीमारियों की रिपोर्ट समय पर और सही तरीके से पोर्टल पर अपलोड की जाए, तो किसी भी संभावित महामारी या रोग प्रकोप को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकता है.
विशेष रूप से IHIP-IDSP ऑनलाइन रिपोर्टिंग की प्रक्रिया, समयबद्ध रिपोर्टिंग और डाटा की सटीकता पर जोर दिया गया. बताया गया कि लापरवाही या देरी से रिपोर्टिंग होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है.
रेबीज, सर्पदंश और बदलते मौसम से बढ़ती बीमारियां
कार्यक्रम में रेबीज और सर्पदंश जैसे मामलों में तुरंत इलाज और जागरूकता को बेहद जरूरी बताया गया. साथ ही जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ रही नई स्वास्थ्य चुनौतियों पर भी चर्चा हुई. अधिकारियों ने कहा कि बदलते मौसम के साथ बीमारियों का पैटर्न भी बदल रहा है, इसलिए स्वास्थ्य कर्मियों को और सतर्क रहने की जरूरत है.
सिविल सर्जन का संदेश
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने साफ कहा कि “समय पर और सही रिपोर्टिंग ही महामारी को रोकने की कुंजी है.” उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण में मिली जानकारी को जमीनी स्तर पर पूरी गंभीरता से लागू करें. उन्होंने कहा कि अगर हर स्तर पर निगरानी मजबूत होगी, तो जिले में किसी भी बीमारी को फैलने से पहले ही काबू किया जा सकेगा.
यह भी पढ़ें: झारखंड विधानसभा में विपक्ष की सुस्ती, क्या है वजह?

