Ranchi: असम विधानसभा चुनाव के रण में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पूरी ताकत झोंक दी है. स्टार प्रचारक के रूप में असम पहुंचे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरुपथर विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए स्थानीय जनता और विशेषकर चाय बागान श्रमिकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव स्थापित किया. हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि तीर-धनुष केवल एक चुनाव चिह्न नहीं, बल्कि दबे-कुचलों के अधिकारों की रक्षा का सबसे बड़ा हथियार है.
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धुआंधार प्रचार: हक और अधिकार की लड़ाई
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में असम की सत्ताधारी राजनीति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वर्षों से यहां की जनता, विशेषकर झारखंडी मूल के चाय बागान श्रमिकों को केवल वोट बैंक समझा गया. उन्होंने कहा असम के सरुपथर की जनता का असली अभिमान तीर-धनुष है. यह वही प्रतीक है जिसने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए सदियों से संघर्ष किया है. अब वक्त आ गया है कि आप अपनी शक्ति को पहचानें और अपने हक-अधिकार की रक्षा के लिए एकजुट हों.
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जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा के पक्ष में अपील
सरुपथर सीट से जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में वोट मांगते हुए मुख्यमंत्री ने जनता से भावुक अपील की. उन्होंने कहा कि 9 अप्रैल को होने वाला मतदान केवल एक विधायक चुनने के लिए नहीं, बल्कि सरुपथर की तकदीर बदलने के लिए है. उन्होंने विश्वास जताया कि साहिल मुंडा की जीत के साथ ही क्षेत्र के लोगों को उनके खोए हुए अधिकार वापस मिलेंगे और चाय बागान क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी.
