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सरायकेला को-ऑपरेटिव बैंक 32 करोड़ घोटाला: CID जांच के आधार पर तीन दोषियों को सजा, दो को 10-10 साल और एक को 5 साल की कैद

Ranchi: झारखंड के बहुचर्चित 32 करोड़ रुपये के सरायकेला को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया है. चाईबासा...

Ranchi: झारखंड के बहुचर्चित 32 करोड़ रुपये के सरायकेला को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया है. चाईबासा स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता और सीआईडी द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर तीन मुख्य आरोपियों को सजा सुनाई है.

तीन दोषियों को सजा

अदालत ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील कुमार सत्पति और कारोबारी संजय डालमिया को 10-10 साल की सजा सुनाई है, जबकि बैंक कर्मचारी मनीष देवगम को 5 साल की सजा दी गई है. उल्लेखनीय है कि 24 मार्च को अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था.

हिरासत में भेजे गए दोषी

फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद न्यायालय के आदेश पर तीनों दोषियों को पुलिस हिरासत में ले लिया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

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CID जांच की अहम भूमिका

यह मामला वर्ष 2019 में सामने आया था, जब सरायकेला को-ऑपरेटिव बैंक में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ था. इस संबंध में सरायकेला थाने में मामला दर्ज किया गया था. मामले की संवेदनशीलता और बड़ी राशि के गबन को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी जांच सीआईडी को सौंपी थी.

अनिल पालटा के नेतृत्व में हुई जांच

CID के तत्कालीन एडीजी अनिल पालटा
CID के तत्कालीन एडीजी अनिल पालटा

उस समय सीआईडी के तत्कालीन एडीजी अनिल पालटा के नेतृत्व में इस मामले की जांच शुरू हुई थी. बेहतर अनुसंधान और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर ही अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है.

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