रांची: जूनियर इंजीनियर (JE) के प्रोन्नति (प्रमोशन) और नियुक्ति मामले में मुख्य रूप से नियमावली में स्पष्टता की कमी और पदोन्नति के अवसरों की कमी दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायाधीश दीपक रोशन की खंडपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.

नियुक्ति और प्रोन्नति नियमावली तैयार करने से जुड़ा मामला
दरअसल, यह पूरा मामला कनीय अभियंता नियुक्ति और प्रोन्नति नियमावली तैयार करने से जुड़ा है. आपको बता दें, कि एक लंबे समय से प्रोन्नति को लेकर कोई भी नियमवाली तैयार नहीं हुई है, जिस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर की थी. अदालत ने पिछली सुनवाई में मौखिक रूप से कहा था, कि राज्य सरकार जानबूझकर नियमावली लागू करने में विलंब कर रही है. राज्य सरकार कभी विधि विभाग कभी महाधिवक्ता तो कभी वित्त विभाग के परामर्श लेने का बहाना बनाती है. इस मामले को लेकर राज्य सरकार को चेतावनी भी दी गई थी, कि यदि जल्द से जल्द नियमावली तैयार नहीं होता है तो इसे आदेश की अवहेलना मानी जाएगी.
हालांकि, एक लंबे समय के सुनवाई के बाद अदालत में राज्य सरकार ने नियमवाली बनाने की प्रक्रिया की तैयारी और उसे लागू करने को लेकर अदालत को आश्वस्त किया था. हालांकि, सरकार के दिए गए समय के बावजूद भी अब तक नियम वाली स्पष्ट नहीं है, ऐसे में अब अभ्यर्थियों की नजरे झारखंड हाई कोर्ट के फैसले पर टिकी है.
यह भी पढ़ें: खरना : चैती छठ के रंग में रंगी सिमडेगा की डीसी कंचन सिंह, गन्ने के रस से खरना का बना रही प्रसाद

