रांची: झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हरमू स्थित आवास (शौर्य) में आवासीय भूखंड का व्यावसायिक उपयोग (पैथोलॉजी लैब) करने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है. आवास बोर्ड की ओर से महेंद्र सिंह धोनी को बाकायदा नोटिस थमाया गया है. नोटिस में कहा गया है कि महेंद्र सिंह धोनी ने आवास बोर्ड से मिले भूखंड एच (10) ए में नियम विरुद्ध व्यवसायिक उपयोग शुरू किया है. जबकि आवास बोर्ड की तरफ से उन्हें यह भूखंड सिर्फ आवासीय गतिविधि के इस्तेमाल के लिए दी गई है.


आवास बोर्ड ने महेंद्र सिंह धोनी को दिए नोटिस में कहा है कि उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए यह अंतिम मौका दिया जा रहा है. यदि धोनी अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो उन्हें मिले उक्त भूखंड के आवंटन को रद्द करने की अनुशंसा आवास बोर्ड कर सकता है. दरअसल धोनी को 2006 में अर्जुन मुंडा सरकार के समय में हरमू हाउसिंग कॉलोनी में आवासीय भूखंड मिला था. लेकिन अब वहां न्यूबर्ग सुप्राटेक नामक लैब खुलने के कारण नियमों के उल्लंघन की बात सामने आ रही है. आवास बोर्ड ने कुछ दिनों पहले यह नोटिस महेंद्र सिंह धोनी को भेजा है.

