जबां पे लागा…लागा रे महक गैस का… कोई कह रहा नाली से गैस निकालो, तो गोबर गैस का प्लांट घर बैठाने की सलाह दे रहा, हाय रे सोशल मीडिया

Cylinder Desk/Ranchi: बात आज ऐसे मुद्दे की, जिसे कहना तो जरूरी है, लेकिन बदबू भी बर्दाश्त करनी होगी. बात गैस की है....

Cylinder Desk/Ranchi: बात आज ऐसे मुद्दे की, जिसे कहना तो जरूरी है, लेकिन बदबू भी बर्दाश्त करनी होगी. बात गैस की है. जिसे लोग एलपीजी कहते हैं. और गैस की बदबू से तो सभी वाकिफ हैं. खैर, ऐसा लिखने की नौबत इसलिए आ रही है कि गैस को लेकर पूरे देश में त्राहिमाम जैसी हालात है. पहले गैस छोड़ने की बात होती थी. अब गैस ना मिलने की परेशानी है. देश का लोकसभा हो या राज्य का विधानसभा हर जगह एलपीजी (गैस) को लेकर बात हो रही है. एक तो दाम बढ़ गए, ऊपर से मिलने की किल्लत. कुछ सूरमाओं का कहना है कि नाली में पाइप डाल दो.

गैस खुद-ब-खुब बनने लगेगी. कहा जा रहा है कि देश के एक महान शख्सियत ने ऐसे ही करके सबसे पावरफुल कुर्सी पर कब्जा जमा लिया है. वहीं घर में बर्तन-बासन करने से डरने वाली महिलाएं का तो बीपी बढ़ गया है. उन्हें किसी ने बता दिया है, कि ऑनलाइन खाना आना अब मुश्किल हो जाएगा. पिज्जा, पास्ता, मोमो, चाउमिन, ड्राय चिल्ली पनीर और तमाम ऐसे ऐसे व्यंजनों पर प्रतिबंध लगता दिख रहा है. इसके अलावा सोशल मीडिया में जो गैस की किल्लत को लेकर धूम मची हुई है, वो जबरदस्त है. कुछ तस्वीर और पोस्ट के जरिए आपको न्यूजवेभ बताने जा रहा है कि आखिर चल क्या रहा है.

– निशिकांत दुबे जी गैस की दिक्कत के बारे बात करने के बजाए अब राहुल गांधी के प्रदर्शन पर सवा उठा रहे हैं. दरअसल राहुल गांधी मतलब कांग्रेस के सांसद लोकसभा में गैस की किल्लत को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. उसपर गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और लिखा कि “आम आदमी की परेशानियों यानि गैस सिलेंडर की कमी का मुद्दा भी राहुल गांधी जी को मजाक लगता है. आंदोलन भी पिकनिक मनाने का तरीका. क्या ऐसा नेता प्रतिपक्ष भारतीय जनता ने देखा?

– वहीं दीपिका पांडे सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा है कि “आज देश जिस दौर से गुजर रहा है, उसकी मार सीधे आम आदमी के किचन तक पहुंच रही है. गैस सिलेंडर महंगा, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते हुए, और तेल की किल्लत का डर—इन सबने लोगों की कमर तोड़ दी है. छोटे होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं और रोज़गार पर संकट गहरा रहा है. सबसे बड़ी विफलता सरकार की कूटनीति है. दुनिया में क्या हो रहा है, उसका असर भारत पर साफ दिखाई दे रहा है, लेकिन सरकार के पास न कोई ठोस रणनीति है, न दूरदृष्टि आज हालात ऐसे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार मजबूत नेतृत्व दिखाने के बजाय समझौते करती नजर आ रही है. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज़ बुलंद करने के बजाय सरकार दबाव में फैसले ले रही है. नतीजा साफ है—महंगाई बढ़ रही है, गैस और तेल के दाम आसमान छू रहे हैं और सरकार की विफल कूटनीति का बोझ देश की जनता उठा रही है.

– झारखंड की सियासत में गजब की छवि रखने वाले इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कहा है कि “अभी तो गैस का दाम बढ़ा है आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल का भी दम बढ़ेगा और देश तमाशा देखेगा.”

– वहीं फेसबुक एक्सपर्ट सी पी सिंह रेवई जो हर मामले पर चर्चा करने से पहले पोस्ट करना अपना धर्म समझते हैं वो लिखते हैं कि “अगर सिलेंडर नहीं मिल रहा है तो बीजेपी समर्थक के घर जाओ. अगर गोबर गैस पर खाना बनाना है तो कांग्रेस समर्थक के घर जाओ.”

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