रांची: शहर की नदियों और जल स्रोतों को साफ और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में शहरी नदी प्रबंधन योजना (URMP) को लेकर पहली ओरिएंटेशन बैठक आयोजित हुई. इसमें कई विभागों के अधिकारी शामिल हुए.
क्या है योजना
यह योजना नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत बनाई जा रही है. गंगा बेसिन के 60 शहरों में इसे लागू किया जा रहा है, जिसमें रांची भी शामिल है. इसका उद्देश्य शहर की नदियों, तालाबों और झीलों को साफ करना और उनका संरक्षण करना है.
किन जगहों पर फोकस
इस योजना में हरमू नदी, स्वर्णरेखा नदी (शहर क्षेत्र) और शहर के तालाबों व झीलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
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निरीक्षण में सामने आई समस्याएं
बैठक में कई गंभीर समस्याएं सामने आईं. नदियों में गंदा पानी और सीवेज एक साथ बह रहा है. कई जगहों पर कचरा जमा हो रहा है. कुछ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट ठीक से काम नहीं कर रहे हैं. नदी किनारों पर अतिक्रमण हो गया है. तालाबों में प्रदूषण और गंदगी बढ़ रही है, वहीं छोटे जल स्रोतों में गाद और कचरे की समस्या भी पाई गई.
आगे क्या होगा
योजना के तहत नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने, तालाबों और झीलों का पुनर्जीवन करने, फ्लडप्लेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने, ट्रीटेड पानी के पुन: उपयोग, नदी किनारों का पर्यावरण के अनुकूल विकास और लोगों की भागीदारी बढ़ाने जैसे कदम उठाए जाएंगे.
नगर आयुक्त का निर्देश
नगर आयुक्त ने सभी विभागों को समय पर जरूरी जानकारी देने का निर्देश दिया, ताकि योजना को जल्द तैयार कर रांची की नदियों को फिर से साफ और जीवंत बनाया जा सके.
