News Desk:मेटा ने Instagram पर एक नया फीचर शुरू किया है, जिससे माता-पिता अपने बच्चों की सर्च एक्टिविटी पर नजर रख सकेंगे. अगर कोई टीनएजर कम समय में बार-बार सुसाइड या खुद को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी चीजें खोजेगा, तो पेरेंट्स को तुरंत नोटिफिकेशन मिल जाएगा. यह फीचर पहले कुछ अंग्रेजी बोलने वाले देशों में शुरू होगा और बाद में दूसरे देशों में भी आएगा. पिछले साल Instagram ने 18 साल से कम उम्र के बच्चों के अकाउंट पर कड़ी 13+ सेफ्टी सेटिंग लगा दी थी. इसे बदलने के लिए माता-पिता की इजाजत जरूरी होती है. अगर बच्चे Instagram पर खुद को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी चीजें खोजेंगे, तो पेरेंट्स को मिलेगा अलर्ट.

मेटा ने बताया है कि अगर कोई टीनएजर कम समय में बार-बार सुसाइड या सेल्फ-हार्म से जुड़े शब्द सर्च करता है, तो Instagram उसके माता-पिता को सूचना देगा. हालांकि, कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि कितनी बार या कितने समय में सर्च करने पर अलर्ट भेजा जाएगा. यह नया फीचर अगले हफ्ते ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूके और अमेरिका में शुरू होगा. इसके बाद साल के अंत तक इसे दूसरे देशों में भी लागू करने की योजना है.
यह अलर्ट सिर्फ उन्हीं माता-पिता को मिलेंगे, जिन्होंने Instagram का पेरेंटल सुपरविजन फीचर चालू किया है. फीचर शुरू होने से पहले, जुड़े हुए पेरेंट्स और टीनएजर्स दोनों को इसकी जानकारी दे दी जाएगी. अगर कोई टीनएजर बार-बार ऐसे शब्द या वाक्य खोजता है जो आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने से जुड़े हों, या ऐसा इरादा दिखाते हों, तो माता-पिता को तुरंत नोटिफिकेशन भेजा जाएगा. कंपनी ने बताया कि पेरेंट्स को अलर्ट ईमेल, मैसेज, WhatsApp या ऐप के अंदर नोटिफिकेशन के जरिए भेजे जाएंगे. यह इस बात पर निर्भर करेगा कि पेरेंट्स ने कौन-सी कॉन्टैक्ट जानकारी दी है. जब पेरेंट्स उस अलर्ट पर क्लिक करेंगे, तो एक पूरी स्क्रीन पर मैसेज खुलेगा. इसमें बताया जाएगा कि बच्चे ने किस तरह की सर्च बार-बार की है. साथ ही, एक्सपर्ट की सलाह भी दी जाएगी ताकि माता-पिता अपने बच्चे से सही तरीके से बात कर सकें.
मेटा ने यह भी कहा कि Instagram पहले से ही कुछ खतरनाक सर्च को ब्लॉक कर देता है और यूजर्स को हेल्पलाइन और मदद से जुड़े रीसोर्सस की ओर भेज देता है. कंपनी ने सर्च पैटर्न का अध्ययन किया और अपने विशेषज्ञ समूह से सलाह ली, ताकि तय किया जा सके कि कितनी बार ऐसी सर्च होने पर पेरेंट्स को सूचना दी जाए. मेटा का कहना है कि कभी-कभी बिना बड़े खतरे के भी अलर्ट जा सकता है, लेकिन इसका मकसद सावधानी बरतना है और जरूरत से ज्यादा नोटिफिकेशन भेजने से बचना भी है.
कंपनी ने यह भी बताया कि साल के अंत तक वह अपने AI टूल्स से होने वाली कुछ बातचीत पर भी ऐसे ही अलर्ट शुरू करेगी. अगर कोई टीनएजर AI से आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर बातें करेगा, तो पेरेंट्स को इसकी जानकारी दी जाएगी.

