जमशेदपुर: जमशेदपुर के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानीपाड़ा स्थित स्वर्णरेखा नदी के किनारे एक बेहद खतरनाक और संदिग्ध बम मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है. पिछले कई दिनों से यह बम स्थानीय लोगों के लिए डर का कारण बना हुआ था. लगभग 227 किलोग्राम वजन वाला यह बम आकार और क्षमता दोनों ही लिहाज से काफी खतरनाक माना जा रहा है.
सेना के कब्जे में बम, विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंची
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस बम को भारतीय सेना के हवाले कर दिया गया है. सेना की एक विशेष बम निरोधक टीम मौके पर पहुंच चुकी है. लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और बम की स्थिति, उसके आसपास के इलाके और संभावित खतरे का आकलन किया.
हर कदम पर बरती जा रही सावधानी
बम की ताकत और संवेदनशीलता को देखते हुए इसे निष्क्रिय करने में कोई भी जोखिम नहीं लिया जा रहा है. सेना की टीम हर कदम बेहद सावधानी और योजना के साथ उठा रही है, ताकि किसी भी तरह की जनहानि या नुकसान से बचा जा सके.
वैज्ञानिक तकनीक से होगा डीफ्यूज ऑपरेशन
बम को निष्क्रिय करने के लिए सेना द्वारा वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जा रही है. बम के चारों ओर बालू से भरी बोरियों की एक मजबूत और ऊंची दीवार खड़ी की जा रही है, जिससे विस्फोट की स्थिति में उसका असर सीमित किया जा सके. इसके अलावा जमीन में एक विशेष गहरा गड्ढा तैयार किया गया है, ताकि यदि विस्फोट हो तो उसका दबाव जमीन के अंदर ही समा जाए और आसपास के क्षेत्र को कम से कम नुकसान पहुंचे.
पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा, एक किलोमीटर का दायरा सील
इस संवेदनशील ऑपरेशन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और सेना ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. घटनास्थल के चारों ओर लगभग एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर दिया गया है. आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है और केवल सुरक्षा बलों को ही वहां जाने की अनुमति है.
