जमशेदपुर: झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजे) महेश शरद चंद्र सोनक अपने तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर लौहनगरी जमशेदपुर पहुंचे. उनके आगमन पर जिला प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों ने प्रोटोकॉल के तहत उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसमें झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक साफ दिखाई दी.
गार्ड ऑफ ऑनर और भव्य स्वागत:
सर्किट हाउस पहुंचने पर मुख्य न्यायाधीश को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इस अवसर पर उनके साथ झारखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल सत्य प्रकाश सिन्हा भी मौजूद थे. जिले के वरीय अधिकारियों, जिनमें जिला प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय, डीसी कर्ण सत्यार्थी और एसएसपी पीयूष पांडेय शामिल थे, ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया.
स्वागत समारोह की सबसे खास बात झारखंड की प्राचीन संस्कृति और परंपरा का प्रदर्शन रही. स्थानीय बालिकाओं और कलाकारों ने छऊ नृत्य, नगाड़ा और ढोल की थाप पर मुख्य न्यायाधीश का स्वागत किया, जिसे देखकर वे काफी अभिभूत नजर आए.
जब कलाकारों के साथ नगाड़ा बजाने लगे मुख्य न्यायाधीश:
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान एक बेहद आत्मीय क्षण तब आया जब मुख्य न्यायाधीश सोनक ने स्वयं नगाड़ा और मांदर पर हाथ आजमाया. स्वागत के बाद वे कुछ देर के लिए कलाकारों के बीच रुके और कॉरिडोर में खुद संगीत वाद्ययंत्र बजाकर स्थानीय कला का अनुभव किया. उन्होंने आदिवासी कलाकारों से बातचीत की और नगाड़ा-मांदर बजाने की तकनीक व उनके महत्व के बारे में जानकारी ली. उनकी इस सहजता ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया.
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भ्रमण और निरीक्षण कार्यक्रम:
अपने निर्धारित दौरे के तहत मुख्य न्यायाधीश ने शहर के विभिन्न ऐतिहासिक और औद्योगिक स्थलों का रुख किया. उन्होंने ट्राइबल म्यूजियम का भ्रमण कर जनजातीय जीवन और कला को समझा. इसके अलावा सिक्कों के संग्रह और उनके इतिहास का अवलोकन किया. साथ ही टाटा स्टील और शहर के विकास की गाथा का दर्शन किया.
