रांची: झारखंड में आगामी नगर निकाय चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदान कार्य में तैनात सरकारी कर्मी बूथ कैप्चरिंग या अन्य अनैतिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर उन्हें तीन से पांच साल तक की सजा हो सकती है.

निर्वाचन आयोग के निर्देश
– मतदान कार्य में तैनात सरकारी कर्मी बूथ कैप्चरिंग या अन्य अनैतिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर तीन से पांच साल तक की सजा होगी.
– आम नागरिकों के लिए ऐसी गड़बड़ियों पर एक से पांच साल तक की सजा का प्रावधान है.
– सरकारी कर्मचारियों या पदाधिकारियों के मामले में न्यूनतम सजा तीन वर्ष की होगी और विभागीय कार्रवाई भी होगी.
– 43 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
– 48 नगर निकायों में एक ही चरण में मतदान होगा.
– कुल 1,087 वार्डों में 4,304 बूथ बनाए गए हैं.
– मतदान के बाद 27 फरवरी 2026 को मतगणना होगी.
बैलेट पेपर के रंग
महापौर/अध्यक्ष पद के लिए: पिंक कलर
वार्ड पार्षद के लिए: सफेद रंग
मतदान प्रक्रिया: मतदाता अपने परिचय पत्र दिखाकर मतदान कर सकेंगे.

