रांची: झारखंड के स्थानीय निकाय चुनावों में इस बार पत्रकारिता जगत का दबदबा देखने को मिला है. हजारीबाग नगर निगम और छतरपुर नगर पंचायत, दोनों ही स्थानों पर कलम के सिपाहियों ने जनता का विश्वास जीतकर राजनीति की नई इबारत लिखी है
गौ सेवक और पत्रकार अरविंद राणा की ऐतिहासिक जीत दर्ज की है:
हजारीबाग नगर निगम चुनाव में इस बार एक अप्रत्याशित उलटफेर देखने को मिला. दैनिक जागरण के अपराध संवाददाता और प्रखर समाजसेवी अरविंद राणा ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 4650 मतों के भारी अंतर से शिकस्त देकर मेयर पद पर कब्जा जमाया है. मूल रूप से चतरा जिले के रहने वाले अरविंद राणा की इस जीत के पीछे वर्षों की जनसेवा छिपी है. उनकी कुछ प्रमुख उपलब्धियां जो चुनाव में मील का पत्थर साबित हुईं.लंबे समय से वे बेजुबान पशुओं की सेवा में समर्पित रहे हैं. छठ पूजा के दौरान ‘नो प्रॉफिट-नो लॉस’ पर फल स्टॉल लगाकर उन्होंने उन व्यापारियों की कमर तोड़ दी जो ऊंचे दामों पर फल बेचते थे.उनके इस कदम से पूरे बाजार में फलों के दाम कम हो जाते थे, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलती थी.जीत के बाद गदगद अरविंद राणा ने कहा, “यह जीत मेरी नहीं, हजारीबाग की जनता की है. पत्रकारिता के दौरान मैंने शहर की समस्याओं को करीब से देखा है, अब मेयर के रूप में उन्हें हल करना मेरी प्राथमिकता होगी.
छतरपुर में अरविंद गुप्ता के सिर सजा जीत का ताज:
छतरपुर नगर पंचायत से भी सुखद खबर आई, जहां वरिष्ठ पत्रकार अरविंद गुप्ता ने अध्यक्ष पद पर शानदार जीत हासिल की है.अरविंद गुप्ता केवल पत्रकारिता ही नहीं, बल्कि संगठनात्मक कार्यों में भी निपुण रहे हैं. वे रांची प्रेस क्लब में एग्जीक्यूटिव मेंबर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
