रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित होने वाली संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा-2025 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है. झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने शनिवार की रात यानि 21 फरवरी को आगामी परीक्षा के लिए अधिकतम और न्यूनतम आयु सीमा की गणना के लिए ‘कट-ऑफ’ तिथि का निर्धारण कर दिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अनुमोदन के बाद विभाग द्वारा इस संबंध में संकल्प जारी कर दिया गया है.

उम्र सीमा की गणना के लिए नई कट-ऑफ तिथि
राज्य सरकार ने अभ्यर्थियों की मांग और पिछले वर्षों में परीक्षाओं के अंतराल को देखते हुए आयु सीमा में विशेष राहत प्रदान की है.
इसकी गणना एक अगस्त 2022 के आधार पर की जाएगी. जबकि न्यूनतम आयु गणना एक अगस्त 2026 के आधार पर की जाएगी. यह छूट केवल संयुक्त असैनिक प्रतियोगिता परीक्षा 2025 के लिए ही मान्य होगी.
क्यों लिया गया यह निर्णय?
सरकार के पास विभिन्न माध्यमों से अभ्यर्थियों के आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें यह तर्क दिया गया था कि पिछले 25 वर्षों में झारखंड में मात्र 8 बार ही सिविल सेवा परीक्षाओं का आयोजन हो सका है. नियमित अंतराल पर परीक्षा न होने के कारण कई मेधावी छात्र ओवरएज (आयु सीमा पार) हो रहे थे.
हालांकि अभ्यर्थियों ने कट-ऑफ तिथि 2018 रखने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने वर्तमान रिक्तियों और नियमावली की समीक्षा के बाद 2022 को आधार वर्ष माना है.
पदों का विवरण और विज्ञापन की स्थिति
संकल्प पत्र के अनुसार, जेपीएससी 2025 के माध्यम से कुल 148 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं. जिनमें सीधी नियुक्ति से कुल 103 रिक्त पद और बैकलॉग नियुक्ति कुल 45 रिक्त पद है. (इसके लिए विज्ञापन प्रकाशन की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है). विभाग ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2023 और 2024 में कोई अलग से प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकी थी, क्योंकि उस दौरान 2021 और 2022 की रिक्तियों (विज्ञापन सं.- 01/2024) को भरने की प्रक्रिया चल रही थी, जो 2025 में पूर्ण हुई. इसी कारण वर्ष 2023 और 2024 की रिक्तियों को अब संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 में सम्मिलित किया गया है.कार्मिक विभाग ने इस संकल्प को झारखंड राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित करने का आदेश दिया है.इसकी प्रतियां जेपीएससी सभी विभागों के अध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों और सभी जिलों के उपायुक्तों को भेज दी गई हैं ताकि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी बनी रहे.

