Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID की जांच अब तेजी से फैल रही है. 14वीं JPSC PT परीक्षा और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (रेंजर) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और ओएमआर शीट में हेरफेर की जांच कर रही सीआईडी की टीम ने सोमवार को आयोग के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते से चौथी बार लंबी पूछताछ की. सीआईडी मुख्यालय में करीब आठ घंटे तक चली इस मैराथन पूछताछ के बाद उन्हें वापस लौटने की अनुमति दी गई. इससे पहले भी सीआईडी 28, 29 और 31 जुलाई को पूर्व चेयरमैन से सवाल-जवाब कर चुकी है.जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं, गोपनीय दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर लगातार उनसे जानकारियां जुटा रही है.
मुख्य आरोपियों को फिर से रिमांड पर लेने की तैयारी:
मामले की तह तक जाने और OMR शीट में हेरफेर के तारों को जोड़ने के लिए CID सोमवार को अदालत में आवेदन देकर कई मुख्य आरोपियों को दोबारा रिमांड पर लेने की मांग करेगी. इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं
– श्वेता गुप्ता: JPSC परीक्षा उपनियंत्रक
– रामबीर सिंह: परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी टीडीपीएल के निदेशक
– मनोज तिवारी उर्फ अभय तिवारी: गिरफ्तार डीएसओ
जांच एजेंसी का मानना है कि इन सभी आरोपियों को पूर्व चेयरमैन और अन्य अधिकारियों के आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करने से इस बड़े घोटाले के कई और गुप्त पहलू सामने आ सकते हैं.
अभ्यर्थी सौरभ से पूछताछ में अंतरराज्यीय ‘रैकेट’ का भंडाफोड़:
झारखंड सिविल सेवा परीक्षा में सेटिंग के जरिए पास कराने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पता चला है. गिरफ्तार अभ्यर्थी सुमन सौरभ से सीआईडी की कड़ी पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क का खुलासा हुआ. जांच एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार अभ्यर्थी सुमन सौरभ के पास से ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी भी बरामद नहीं हुई थी, जिससे परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई सेटिंग का संदेह और पुख्ता हो गया. सीआईडी अब सौरभ से मिली जानकारियों का सत्यापन कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जा सके.
रेंजर परीक्षा में भी OMR हेराफेरी: IRB जवान और वनरक्षी रडार पर:
सीआईडी की जांच का दायरा अब जेपीएससी द्वारा आयोजित फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (रेंजर) परीक्षा तक भी पहुंच गया है. रेंजर के कुल 170 पदों में से 17 पदों पर फर्जी तरीके से सेटिंग कराने में आईआरबी के एक जवान की मुख्य भूमिका सामने आ रही है.
इस परीक्षा में सफलता पाने वाले कई अभ्यर्थियों में वन विभाग में पहले से कार्यरत वनरक्षी भी शामिल हैं, जिनके सीधे संपर्क इस आईआरबी जवान से बताए जा रहे हैं।सीआईडी इस बिंदु पर भी तेजी से साक्ष्य जुटा रही है.

