New Delhi: झारखंड संयुक्त सिविल सेवा (JPSC) और स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (JSSC) में कथित गड़बड़ी और धांधली के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. सोमवार को शीर्ष अदालत ने इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की मांग वाली याचिका पर झारखंड सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ में हुई.

छात्रों के प्रदर्शन का वकीलों ने दिया हवाला
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण और मनन मिश्रा ने पीठ को बताया कि परीक्षा में हुई गड़बड़ी के खिलाफ छात्र एक महीने से अधिक समय से सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. वकीलों ने तर्क दिया कि हालांकि राज्य सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने इस फैसले पर तुरंत रोक लगा दी. राज्य सरकार अप्रत्यक्ष रूप से इस चुनौती का समर्थन कर रही है.
CBI जांच या सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में जांच की मांग
याचिकाकर्ता की ओर से मांग की गई कि मामले की जांच CBI को सौंपी जाए या फिर किसी सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए. जिस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने जांच की कमान पूर्व न्यायाधीश को सौंपने के सुझाव को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि किसी पूर्व जज को जांच संभालने के लिए नहीं कहा जा सकता.
CJI ने न्यायिक भर्ती परीक्षाओं को लेकर भी पूछा सवाल
सुनवाई के दौरान CJI ने यह भी पूछा कि क्या राज्य में न्यायिक भर्ती परीक्षाएं भी JPSC द्वारा ही आयोजित की जाती हैं, जिस पर याचिकाकर्ता के वकील ने सहमति में जवाब दिया.
सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से दायर की गई है याचिका
यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि महज परीक्षा रद्द कर देने से सिस्टम में बदलाव नहीं आएगा, बल्कि निष्पक्ष जांच के लिए मामले को राज्य पुलिस से CBI को ट्रांसफर करना जरूरी है.
मूल और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग
इसके अलावा याचिका में मांग की गई है कि धांधली से जुड़े सभी भौतिक और डिजिटल साक्ष्य जैसे मूल और अभ्यर्थियों की OMR कार्बन कॉपी, CCTV फुटेज और सर्वर ऑडिट लॉग को तुरंत सुरक्षित किया जाए, ताकि उनके साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके.

