Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एम एस सोनक एवं न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने आज लेडी सुपरवाइजर नियुक्ति मामले में सभी पक्षों को सुनते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया. बता दें कि इस मामले मे 100 फीसदी सीट महिलाओं के लिए आरक्षित करने एवं योग्यता को चुनौती दी गई है.
फिलहाल नियुक्ति पर लगा है रोक
बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश आनंदा सेन की अदालत ने मामले सुनवाई करते हुए 28 अगस्त 2025 को नियुक्ति पर रोक लगा दी थी. वहीं मामले की वृहद सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश के खंडपीठ में मामले को स्थानांतरण किया गया था. वहीं सभी पक्षों को सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.
मेरिट लिस्ट हो चुका है जारी, सरकार ने भी रखा अपना पक्ष
दरअसल झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने 444 लेडी सुपरवाइजर (महिला पर्यवेक्षक) पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया 2023-25 में आयोजित की थी. मेरिट लिस्ट और रिजल्ट जारी किए जा चुके हैं. 100 फीसदी सीटों पर महिलाओं के लिए आरक्षित करने के पीछे राज्य सरकार का यह तर्क था कि यह पद महिला कैडर का है, क्योंकि इस कार्य में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशु की देखभाल करना है.
