Leander Paes joins BJP: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले दिग्गज भारतीय टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस भाजपा में शामिल हो गए. उनका यह कदम सियासी गलियारों में काफी चर्चा का विषय बन गया है. पेस भारत के सबसे सफल टेनिस खिलाड़ियों में गिने जाते हैं. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा नेता सुकांत मजुमदार भी मौजूद रहे. पेस का भाजपा में शामिल होना पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
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पेस का भाजपा परिवार में शामिल होना ऐतिहासिक : रिजिजू
इस मौके पर रिजिजू ने कहा, ‘लिएंडर पेस का भाजपा परिवार में शामिल होना ऐतिहासिक है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों में खेल और खिलाड़ियों को लगातार बढ़ावा दिया है.’ वहीं लिएंडर ने इसे अपने जीवन का सबसे खास दिन बताया. उन्होंने कहा, ‘यह मेरे जीवन का बहुत बड़ा दिन है. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह जी और नितिन नवीन जी का धन्यवाद करना चाहता हूं. यह मेरे लिए खेल और युवाओं की सेवा करने का बड़ा अवसर है.’
युवाओं की सेवा करने का समय : लिएंडर पेस
लिएंडर पेस ने भारत के लिए ओलंपिक पदक और कई ग्रैंड स्लैम जीते हैं और अब राजनीति के मैदान में अपनी नई पारी खेलने जा रहे हैं. उनका भाजपा से जुड़ना यह दिखाता है कि पार्टी खेल जगत के बड़े चेहरों को अपने साथ जोड़कर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है. पेस ने अपने करियर को याद करते हुए कहा कि अब वह नई जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, ‘मैंने 40 साल देश के लिए खेला है, अब समय है युवाओं की सेवा करने का.’ लिएंडर पेस ने केंद्र सरकार की खेल योजनाओं की भी सराहना की. उन्होंने कहा, ‘खेलो इंडिया मूवमेंट और टॉप्स स्कीम बहुत शानदार पहल हैं. मैंने देखा है कि किरेन रिजिजू जी ने टोक्यो ओलंपिक में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के लिए कितनी मेहनत की. प्रधानमंत्री जी ने उन्हें जो रोल दिया था, उसे बखूबी निभाया.’
स्पोर्ट्स एजुकेशन पर ध्यान देना चाहिए : लिएंडर पेस
दिग्गज टेनिस खिलाड़ी ने बंगाल में खेल सुविधाओं की कमी पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा, ‘ भारत दुनिया का सबसे युवा देश है. हमें अगले 20-25 वर्षों में स्पोर्ट्स एजुकेशन पर ध्यान देना चाहिए. 1986 में पश्चिम बंगाल में खेल का ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था. आज भी बंगाल में इंडोर टेनिस कोर्ट की कमी है. बंगाल, तमिलनाडु और बिहार बेहतर कर सकते हैं, लेकिन हमें युवाओं को खेल शिक्षा के जरिए प्रेरित और सशक्त बनाने पर ध्यान देना होगा. मेरा सपना है कि भारत में महिला सशक्तिकरण के लिए बराबरी के अवसर वाली स्कॉलरशिप प्रोग्राम शुरू किया जाए.’
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लिएंडर पेस का कोलकाता में हुआ था जन्म
लिएंडर पेस का जन्म 17 जून 1973 को कोलकाता में हुआ था. उनके दिवंगत पिता वेस पेस ने 1972 म्यूनिख ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था और उनकी मां जेनिफर पेस ने 1980 एशियन बास्केटबॉल टीम की अगुआई कर अपना लोहा मनवाया था. लिएंडर के पिता वेस पेस का पिछले साल ही 80 साल की उम्र में निधन हुआ था.
लिएंडर पेस की उपलब्धियां
- लिएंडर पेस ने 1996 में अटलांटा ओलंपिक में पुरुष टेनिस के एकल वर्ग में ब्राजील के फर्नांडो मेलिगेनी को मात देकर कांस्य पदक अपने नाम किया था
– साथ ही वह केडी जाधव के बाद पहले भारतीय खिलाड़ी बने, जिन्होंने व्यक्तिगत ओलंपिक मेडल जीता
– सरकार ने उन्हें 1996-97 में खेल रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया था
– इसके अलावा वह 1990 में अर्जुन अवॉर्ड, 2001 में पद्म श्री अवॉर्ड और जनवरी 2014 में पद्म भूषण अवॉर्ड से भी नवाजे जा चुके हैं
– पेस ने पुरुष एकल में कोई ग्रैंडस्लैम नहीं जीता, लेकिन पुरुष युगल में उनके नाम आठ ग्रैंडस्लैम ट्रॉफीज हैं
– लिएंडर ने 2012 में एकमात्र ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता था
– इसके अलावा वह 1999, 2001 और 2009 में फ्रेंच ओपन, 1999 में विंबलडन और 2006, 2009 और 2013 में यूएस ओपन का खिताब भी जीत चुके हैं
– वह मिक्स्ड डबल्स में 10 ग्रैंडस्लैम खिताब जीत चुके हैं इनमें तीन ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब (2003, 2010, 2015), एक फ्रेंच ओपन खिताब (2016), चार विंबलडन खिताब (1999, 2003, 2010 और 2015) और दो यूएस ओपन खिताब (2008 और 2015) शामिल हैं.
