लोहरदगा: छोटानागपुर बॉक्साइट एंड कोल वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष बने निशीथ जायसवाल

लोहरदगा: श्रमिक आंदोलन को नई दिशा देने की पहल के तहत छोटानागपुर बॉक्साइट एंड कोल वर्कर्स यूनियन में महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव किया...

लोहरदगा: श्रमिक आंदोलन को नई दिशा देने की पहल के तहत छोटानागपुर बॉक्साइट एंड कोल वर्कर्स यूनियन में महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव किया गया है. पूर्व सांसद सह यूनियन के प्रदेश महासचिव धीरज प्रसाद साहू ने निशीथ जायसवाल को लोहरदगा इकाई का अध्यक्ष मनोनीत किया है. घोषणा के बाद यूनियन कार्यकर्ताओं और श्रमिकों में उत्साह का माहौल देखा गया.

सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता को मिली जिम्मेदारी

निशीथ जायसवाल लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों और मजदूर हितों से जुड़े रहे हैं. विभिन्न श्रमिक आंदोलनों और जनसरोकार के मुद्दों पर उनकी सक्रिय भागीदारी को देखते हुए संगठन ने उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है. नियुक्ति की घोषणा करते हुए धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि मजदूर वर्ग देश की उत्पादन शक्ति की रीढ़ है. खदानों और उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों के परिश्रम से ही क्षेत्र का आर्थिक विकास संभव है. इसलिए उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा यूनियन की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

नई टीम से संगठन को मजबूती की उम्मीद

उन्होंने उम्मीद जताई कि नई टीम संगठन को और मजबूत बनाएगी और मजदूरों की समस्याओं को प्रशासन तथा प्रबंधन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखेगी.

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नई कार्यकारिणी की घोषणा

इस अवसर पर यूनियन की नई कार्यकारिणी की संशोधित सूची भी जारी की गई. इसके तहत अध्यक्ष पद पर निशीथ जायसवाल, कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में सोहराब अंसारी और अंबर कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष के रूप में विशाल डुंगडुंग तथा उपाध्यक्ष के रूप में एकरामुल अंसारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है.

वहीं सचिव पद पर संदीप कुजूर और प्रभात कुमार टोप्पो, सह सचिव के रूप में अनिल उरांव और शिव उरांव, संगठन मंत्री के रूप में नागेंद्र सिंह तथा कार्यकारिणी सदस्य के रूप में बरनवास ठीठीयो, हरिश्चंद्र भूईया, रमन नगेसिया, मनोज उरांव और राजेंद्र सिंह को शामिल किया गया है.

मजदूर हितों को प्राथमिकता

नव-नियुक्त अध्यक्ष निशीथ जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि यह पद उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि वे मजदूरों के वेतन, कार्यस्थल की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ, चिकित्सा सुविधा और अन्य बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाएंगे.

उन्होंने स्पष्ट किया कि यूनियन किसी भी प्रकार के अन्याय, शोषण और भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेगी. लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी.

श्रमिकों में जगी नई उम्मीद

नई कार्यकारिणी के गठन से श्रमिक वर्ग में नई उम्मीद जगी है। मजदूरों का मानना है कि संगठन में आए इस बदलाव से उनकी आवाज और अधिक सशक्त होगी. क्षेत्र के खनन और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं का समाधान तेज गति से हो सकेगा. यूनियन ने आगामी दिनों में श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर बैठकें और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा भी की है.

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