Delhi/Palamu : पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने आज लोकसभा में नियम 377 के तहत पलामू संसदीय क्षेत्र की ज्वलंत समस्या को प्रमुखता से सदन के पटल पर रखा. उन्होंने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर जल योजना के क्रियान्वयन में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट कराया. सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी कागजों में पलामू और गढ़वा जिलों को 75 से 80 प्रतिशत कवरेज वाला दिखाया गया है लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है.
ये भी पढ़ें : झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, अगले 3–4 दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव और बारिश के आसार
“पुराने हैंडपंपों और कुओं पर निर्भर रहने को मजबूर”
सांसद ने सदन को बताया कि छतरपुर, चैनपुर, हुसैनाबाद, पाटन और मेदिनीनगर जैसे प्रखंडों के साथ-साथ गढ़वा के कांडी, मझिआंव और भवनाथपुर जैसे क्षेत्रों में नल कनेक्शन या तो पूरी तरह से निष्क्रिय हैं या हफ्तों में एक बार पानी आता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर स्थायी जलस्रोत सुनिश्चित किए बिना ही पाइपलाइन बिछा दी गई और अधूरी ओवरहेड टंकियों के बावजूद कार्य पूर्णता का प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए. कागजों में योजना पूर्ण घोषित होने के बावजूद हजारों परिवार आज भी पुराने हैंडपंपों और कुओं पर निर्भर रहने को मजबूर हैं.
ये भी पढ़ें : रांची में एलपीजी सिलिंडर की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार, अवैध रिफिलिंग रैकेट का भंडाफोड़
मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग
सांसद ने जल शक्ति मंत्रालय से पुरजोर मांग की है कि पलामू और गढ़वा जैसे सूखा प्रभावित आकांक्षी जिलों में इस योजना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. उन्होंने दोषी अधिकारियों और एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग करते हुए प्रभावित गांवों में जल्द से जल्द स्थायी जलस्रोत और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है. सांसद के निजी सचिव अलख दुबे द्वारा जारी इस प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इस विफलता का सबसे बुरा असर क्षेत्र की महिलाओं और गरीब तबके पर पड़ रहा है.
