कुख्यात शूटर सचिन यादव का रिमांड पर बड़ा खुलासा, हत्या के बदले मिला पांच हजार, वारदात में प्रयुक्त तुर्की निर्मित जिगाना पिस्टल बरामद

    रांची: राजधानी के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित होटल टी-टॉस में हुए सनसनीखेज मनीष गोप हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता...

 

 

रांची: राजधानी के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित होटल टी-टॉस में हुए सनसनीखेज मनीष गोप हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. तीन दिनों की पुलिस रिमांड के दौरान कुख्यात शूटर सचिन यादव ने न केवल हत्या का राज उगला, बल्कि उस घातक हथियार को भी बरामद करवा दिया जिससे बेगुनाह वेटर की जान ली गई थी.

तुर्की की जिगाना पिस्टल से हुई थी फायरिंग

रिमांड के दौरान पूछताछ में सचिन यादव की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई जिगाना (Zigana) पिस्टल बरामद की है. यह एक तुर्की निर्मित अत्याधुनिक अर्ध-स्वचालित हथियार है. गौरतलब है कि जिगाना पिस्टल अपनी उच्च मारक क्षमता और 15-17 राउंड फायरिंग क्षमता के लिए जानी जाती है, जिसका इस्तेमाल हाल के वर्षों में देश के कई हाई-प्रोफाइल हत्याकांडों में देखा गया है.

पुलिस तफ्तीश में यह बात साफ हुई है कि प्रिंस खान गिरोह अब स्थानीय कट्टों को छोड़कर विदेशी और प्रतिबंधित हथियारों के जरिए झारखंड में अपनी दहशत फैलाना चाह रहा है.

दुबई से रची गई थी साजिश: 1 करोड़ की रंगदारी का था मामला

पूछताछ में सचिन ने कबूल किया कि यह हत्याकांड किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा नहीं, बल्कि संगठित रंगदारी का हिस्सा था. फरार गैंगस्टर प्रिंस खान उर्फ हैदर अली ने दुबई से इंटरनेट कॉल और व्हाट्सएप के जरिए पूरी साजिश रची. होटल मालिक से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी. पैसा नहीं मिलने पर दहशत पैदा करने के लिए फायरिंग का आदेश दिया गया था. स्थानीय गुर्गों ने शूटरों को होटल की लोकेशन, मालिक और कर्मचारियों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई थी.

दो बार बना था प्लान: वेटर मनीष की गई जान

सचिन ने बताया कि होटल पर हमले की पहली योजना एक मार्च को बनाई गई थी, लेकिन होटल बंद होने के कारण शूटर वापस लौट गए. इसके बाद सात मार्च को दोबारा चार अपराधियों की टीम रांची पहुंची. सचिन को काउंटर पर बैठे व्यक्ति को मारने की जिम्मेदारी दी गई थी. काउंटर पर निशाना चूकने के बाद, सामने आए कर्मचारी मनीष गोप को सचिन ने गोली मार दी. हत्या के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से फरार हो गए और टोनको इलाके की एक पत्थर खदान के पास हथियार और कपड़े छुपा दिए.

महज 5 हजार के लिए बना कॉन्ट्रैक्ट किलर

25 वर्षीय सचिन यादव ने अपनी कहानी बताते हुए कहा कि पिता की मौत के बाद आर्थिक तंगी और गलत संगत ने उसे अपराध की राह पर धकेल दिया. 2017 से लूट और डकैती में शामिल सचिन को इस हत्याकांड के लिए पांच हजार रुपये एडवांस दिए गए थे, बाकी रकम काम पूरा होने के बाद देने का वादा किया गया था.

पुलिस की अगली कार्रवाई: रडार पर राणा राहुल सिंह 

एयरपोर्ट थाना पुलिस अब गिरोह के एक अन्य मुख्य सदस्य राणा राहुल सिंह की तलाश में जुटी है. पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही उसकी भी गिरफ्तारी कर ली जाएगी. रिमांड के दौरान सचिन ने प्रिंस खान गिरोह के नेटवर्क और र के अन्य व्यापारियों से मांगी जा रही रंगदारी के बारे में भी अहम सुराग दिए हैं, जिस पर पुलिस की छापेमारी जारी है.

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