रामगढ़: जिले में रामनवमी का पावन त्योहार अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और सांप्रदायिक सौहार्द के बीच संपन्न हुआ. जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की सक्रियता के कारण पूरे जिले में शांति व्यवस्था बनी रही. इस वर्ष जिले भर में कुल 219 अखाड़ों (141 लाइसेंसी और 78 गैर-लाइसेंसी) द्वारा भव्य जुलूस निकाले गए, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया.

आस्था पर भारी पड़ा उत्साह, बारिश के बाद भी उमड़ा जनसैलाब
शुक्रवार शाम लगभग सात बजे तेज आंधी और बारिश के कारण एक समय जुलूस की भीड़ तितर-बितर हो गई थी, लेकिन मौसम साफ होते ही श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना नजर आया. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पुनः बड़ी संख्या में पहुंचकर जुलूस को भव्यता प्रदान की. सुरक्षा और शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए डीसी फैज अक अहमद और एसपी अजय कुमार अजय कुमार स्वयं सड़कों पर उतरे. आला अधिकारियों ने शहर के प्रमुख मंचों जैसे सिटी स्टाइल, राजस्थान कलेवाले, बगडिया, सौदागर मोहल्ला, झंडा चौक, गोलपार्क और थाना चौक का पैदल भ्रमण किया.
गंगा-जमुनी तहजीब की दिखी अनुपम झलक
रामनवमी के अवसर पर रामगढ़ के सौदागर मोहल्ला में एक बेहद भावुक और सकारात्मक दृश्य देखने को मिला. यहां मुस्लिम समुदाय द्वारा विशेष मंच तैयार किया गया था. जब हिंदू समुदाय का जुलूस यहां से गुजरा, तो उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में मुस्लिम भाइयों ने जुलूस पर पुष्प वर्षा की. दोनों समुदायों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य के सभी त्योहारों को इसी तरह आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण तरीके से मनाएंगे, जो एक जागृत समाज का जीवंत उदाहरण है.
