रांची: राजधानी के रातु थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम झखराटांड में एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची, नंदिनी उर्फ राजनंदनी, के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने का मामला सामने आने के बाद शुक्रवार से क्षेत्र में सनसनी है. लोगो के लिए यह चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना की गंभीरता और अपहरण की प्रबल आशंका को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कांड दर्ज कर लिया है. यह मामला थाना से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर उत्तर दिशा में स्थित गांव का है. रातु थाना के अवर निरीक्षक महेश प्रसाद कुशवाहा ने मामले को संदिग्ध बताते हुए लिखित आवेदन दिया जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज हुई है. उनके अनुसार, बच्ची का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे यह मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है.पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग के गायब होने के पीछे अपहरण या उसे बंधक बनाकर रखने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
पिता के पास भेजने का दावा, पर वहीं से फिर लापता:
पूछताछ में सुबोध पाठक ने बताया कि 13 वर्षीय नंदिनी को उसके पिता दिनेश माउआर (औरंगाबाद) के पास भेजा गया था,लेकिन पुलिस टीम जब कुटुंबा पहुंची, तो पिता ने बताया कि 13 मार्च को बच्ची वहां आई जरूर थी, लेकिन कुछ ही देर बाद रांची लौटने की बात कहकर निकल गई और तब से उसका कोई सुराग नहीं है. पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्ची दिव्यांग है और वर्ष 2018 से सुबोध पाठक के घर रह रही थी.मोबाइल और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी विवाद की बात सामने आई है. इन सभी तथ्यों के आधार पर पुलिस को परिवार की भूमिका संदिग्ध लगी, जिसके बाद अपहरण की आशंका में मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है.
एक ही परिवार के तीन लोग बने संदिग्ध अभियुक्त:
पुलिस ने प्राप्त आवेदन के आधार पर रातु थाना में तीन लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है.इसमें सुबोध पाठक (ग्राम झखराटांड), राहुल पाठक, सुबोध पाठक की पत्नी शामिल है.इस गंभीर मामले की जांच के लिए पुलिस ने विशेष टीम सक्रिय कर दी है.भारतीय न्याय संहिता की धारा 140 (3) के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान का पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.पुलिस अब बच्ची की बरामदगी का प्रयास कर रही है.
