रांची: शहर की सरकारी परिसंपत्तियों की सुरक्षा, बेहतर प्रबंधन और आम लोगों के उपयोग को बढ़ाने के लिए रांची नगर निगम ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है.

इसी को लेकर आज निगम प्रशासक सुशांत गौरव की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई, जिसमें निगम के सभी पदाधिकारी और कर्मी शामिल हुए. बैठक में शहर के 53 वार्डों में मौजूद निगम की सभी परिसंपत्तियों की विस्तृत समीक्षा की गई. इसमें निगम की जमीन, सामुदायिक भवन, कम्युनिटी हॉल, अटल क्लीनिक, वेंडर मार्केट, आश्रय गृह, पार्क, तालाब, HYDT/मिनी HYDT, सार्वजनिक शौचालय, बस टर्मिनल और MRF केंद्र शामिल हैं. प्रशासक ने इन परिसंपत्तियों को सुरक्षित रखने और उन्हें अधिक जनोपयोगी बनाने के लिए कई अहम निर्देश दिए.
सरकारी जमीन की होगी जांच, अवैध कब्जे पर चलेगा अभियान.
प्रशासक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी वार्डों में निगम की खाली जमीन की जांच, मापी और सीमांकन कराया जाए. जहां भी अवैध कब्जा पाया जाएगा, उसे चिन्हित कर तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाएगी, ताकि इन जमीनों का उपयोग शहर के विकास कार्यों में किया जा सके.
सामुदायिक भवनों में पारदर्शिता, ऑनलाइन बुकिंग होगी शुरू.
निगम के सामुदायिक भवनों और कम्युनिटी हॉल के दुरुपयोग को रोकने के लिए उनकी सघन जांच करने का निर्देश दिया गया. साथ ही आम लोगों को सुविधा देने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम शुरू करने की योजना बनाई जा रही है.
अटल क्लीनिक और वार्ड कार्यालयों का होगा कायाकल्प.
सभी अटल क्लीनिक, सामुदायिक भवन और वार्ड कार्यालयों की मरम्मत, बेहतर लाइटिंग और रंग-रोगन कराने का निर्देश दिया गया है. साथ ही हर वार्ड में नए अटल क्लीनिक बनाने के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने को कहा गया है. नवचयनित वार्ड पार्षदों के लिए वार्ड कार्यालयों को भी आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया.
ट्रैफिक जाम कम करने के लिए नए पार्किंग स्थल चिन्हित होंगे.
बैठक में शहर की गिफ्ट डीड की जमीनों पर लगातार निगरानी रखने और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए नए पार्किंग स्थलों की पहचान करने का निर्देश दिया गया.
पार्कों में बागवानी और बच्चों के लिए झूले.
शहर के सभी पार्कों को आकर्षक बनाने के लिए बेहतर बागवानी विकसित की जाएगी. बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले फाइबर झूले भी लगाए जाएंगे, ताकि पार्क लोगों के लिए और अधिक उपयोगी बन सकें.
तालाब और सार्वजनिक शौचालयों पर विशेष ध्यान.
प्रशासक ने निर्देश दिया कि सभी सार्वजनिक शौचालयों, मॉड्यूलर टॉयलेट और सुलभ शौचालयों में स्वच्छता, सुंदरता और बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही शहर के सभी तालाबों को साफ रखने और उन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराने को प्राथमिकता दी जाएगी.
अवैध पोस्टर-बैनर लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई.
निगम की संपत्तियों, सार्वजनिक स्थलों और दीवारों पर अवैध पोस्टर या विज्ञापन लगाने वालों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है.
प्रशासक सुशांत गौरव ने कहा कि नगर निगम की सभी परिसंपत्तियां जनता की संपत्ति हैं. इन्हें स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए निगम व्यापक स्तर पर अभियान चलाएगा और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

