रांची: राजधानी रांची में अब बिना नियम के निर्माण करना आसान नहीं होगा. रांची नगर निगम ने साफ कर दिया है कि झारखंड भवन उपविधि का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई तय है. इसी मुद्दे पर निगम प्रशासक सुशांत गौरव की अध्यक्षता में अधिकारियों और नगर निवेशक शाखा के साथ अहम बैठक हुई, जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए.

जी+2 और मल्टीस्टोरी भवनों पर विशेष नजर
शहर के सभी जी+2 और बहुमंजिला भवनों की सघन जांच के लिए अलग-अलग जोन में टीमें गठित की जाएंगी. बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण या नियमों से हटकर बनाए गए भवनों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
गिफ्ट डीड और जमीन की होगी पड़ताल
निगम ने व्यावसायिक और आवासीय भवनों की गिफ्ट डीड की जांच के निर्देश दिए हैं. अगर जांच में अतिक्रमण या अवैध निर्माण पाया गया, तो तुरंत हटाने की कार्रवाई होगी.
तैयार होगा वैध नक्शों का डाटा बेस
शहर के सभी पास किए गए नक्शों का एक समेकित डाटा बेस बनाया जाएगा. भविष्य में नक्शे से अलग निर्माण मिलने पर सीधे कार्रवाई की जाएगी.
भवन प्लान का समय पर निपटारा
निगम ने निर्देश दिया है कि भवन प्लान से जुड़े आवेदनों का तय समय सीमा में निष्पादन किया जाए, ताकि लोगों को बेवजह परेशानी न हो.
शिकायत मिलते ही सीलिंग तक की कार्रवाई
अगर किसी अवैध निर्माण की शिकायत मिलती है, तो तुरंत जांच कर गड़बड़ी पाए जाने पर भवन को सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
ग्रीन नेट अनिवार्य, प्रदूषण पर भी सख्ती
निर्माण कार्य के दौरान गाइडलाइन का पालन जरूरी होगा. धूल और प्रदूषण रोकने के लिए ग्रीन नेट लगाना अनिवार्य किया गया है. प्रशासक ने स्पष्ट कहा कि अब निगम क्षेत्र में केवल नियमों के अनुसार ही नक्शा पास होगा. भवन निर्माण शुरू करने से पहले ऑनलाइन बीपीएएमएस (BPAMS) सिस्टम के माध्यम से प्रारंभ प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा. नियमों की अनदेखी करने वालों पर भवन उपविधि के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

