Delhi : भारत के लिए राहत की बात है कि शिवालिक के बाद नंदा देवी जहाज भी सुरक्षित गुजरात के बंदरगाह पहुंच गये. भारतीय ध्वज वाले टैंकर सुरक्षित रूप से गुजरात के बंदरगाहों तक पहुंच रहे हैं. इससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर तत्काल राहत मिली है. एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ 46,500 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर वाडीनार पहुंचा, जहां एंकरिज क्षेत्र में शिप-टू-शिप ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. मिली जानकारी के मुताबिक, ‘नंदा देवी’ से यह एलपीजी MT BW Birch नामक दूसरे जहाज में ट्रांसफर किया जाएगा. यह ट्रांसफर आज से शुरू होने वाला है, जो देश में एलपीजी आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन ने नंदा देवी जहाज का लिया जायजा
दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने खुद नंदा देवी जहाज पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने जहाज के कैप्टन और क्रू मेंबर्स से बातचीत कर ट्रांसफर प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की.
आज ही मुंद्रा पोर्ट पर जग लाडकी टैंकर के पहुंचने की उम्मीद
वहीं, यूएई के फुजैरा पोर्ट से शनिवार को रवाना हुआ क्रूड ऑयल टैंकर जग लाडकी मंगलवार दोपहर मुंद्रा पहुंचने की उम्मीद है. यह जहाज करीब 81,000 टन मुरबन क्रूड लेकर आ रहा है. खास बात यह है कि जहाज उसी दिन रवाना हुआ था, जब फुजैरा के तेल टर्मिनल पर हमला हुआ था. शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं.
‘शिवालिक’ जहाज से एलपीजी निकालने की प्रक्रिया शुरू
सूत्रों के अनुसार, शिवालिक से आए एलपीजी में से 20,000 टन मुंद्रा में उतारा जाएगा, जबकि बाकी 26,000 टन न्यू मैंगलोर पोर्ट भेजा जाएगा. वहीं नंदा देवी के एलपीजी को कांडला पोर्ट के पास वडिनार में समुद्र में ही छोटे जहाजों में ट्रांसफर किया जाएगा, जिससे अलग-अलग स्थानों तक सप्लाई की जा सके. अधिकारियों ने बताया कि मुंद्रा पोर्ट पर विशेष स्टोरेज सुविधा मौजूद है, जहां से गैस पाइपलाइन के जरिए गांधीधाम के मिथी रोहर होते हुए गेल को भेजी जाती है और फिर राष्ट्रीय गैस ग्रिड के जरिए देशभर में सप्लाई होती है.
जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने के निर्देश
केंद्र सरकार ने प्रमुख बंदरगाहों को जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने और कार्गो ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत एंकरिज, बर्थ हायर और स्टोरेज शुल्क में रियायत दी जा रही है, साथ ही जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी में अस्थायी ट्रांसशिपमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है. इधर, एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश के बाद एचपीसीएल मित्तल एनर्जी (बठिंडा) और रिलायंस रिफाइनरी (जामनगर) ने रेल रेक्स की अतिरिक्त मांग रखी है, ताकि गैस की आपूर्ति देशभर में तेजी से पहुंचाई जा सके.
