साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज जिले से सटे मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र के महादेववरण गांव में पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है. बुधवारको एक नामी कीटनाशक कंपनी के जांच अधिकारी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली कीटनाशक और करोड़ों रुपये के नकली स्टिकर जब्त किए हैं.
इंडोसिल कंपनी के मुख्य जांचकर्ता रवि कुमार सिंह ने बताया कि कंपनी को पिछले काफी समय से बाजार में एलेक्टो नामक कीटनाशक के नकली वर्जन की सप्लाई होने की शिकायतें मिल रही थीं. इसके बाद कंपनी की ओर से एक निजी स्तर पर सर्वे कराया गया. जांच में पता चला कि महादेववरण गांव में न केवल यह दवा बेची जा रही है, बल्कि यहीं पर अवैध रूप से इसका निर्माण और पैकिंग भी की जा रही है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना साहिबगंज एसपी, एसडीओ और जिला कृषि पदाधिकारी को दी गई. इसके बाद साहिबगंज एसडीओ और मिर्जाचौकी थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ चिन्हित स्थान पर छापेमारी की गई. छापेमारी के दौरान जो बरामदगी हुई, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया. पुलिस में 1610 पीस नकली स्टिकर (बाजार मूल्य लगभग 22 लाख रुपये) हालांकि इन स्टिकरों की ब्रांड वैल्यू और उपयोगिता के आधार पर संभावित कीमत लगभग 34 करोड़ रुपये आंकी गई है
साहिबगंज: मिर्जाचौकी में नकली कीटनाशक फैक्ट्री का भंडाफोड़, 22 लाख की दवा और 34 करोड़ के स्टिकर बरामद
साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज जिले से सटे मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र के महादेववरण गांव में पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया...
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