सरायकेला: नीमडीह प्रखंड क्षेत्र के रघुनाथपुर-नीमडीह सड़क पर वन विश्रामागार के पास कंपोजिट शराब दुकान (अनुज्ञप्ति-प्रदत्त) खोलने की तैयारी पर स्थानीय महिलाएं लामबंद हो गईं. शराब दुकान का महिलाओं ने जोरदार विरोध भी किया. महिलाओं का कहना है कि पहले भी इस दुकान के कारण नशेड़ी बस्ती के आस-पास जमा होते, तेज-आवाज और अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते थे, जिससे बच्चों के मन पर गलत असर पड़ता था और घरों में माहौल तनावपूर्ण बनता था.
पहले भी हुई थी शिकायत
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि लगभग तीन महीने पहले उन्होंने जनबहुल बस्ती से दुकान हटाने के लिए उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग सरायकेला-खरसावां जिला के नीमडीह के अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी को लिखित आवेदन दिया था. तब अंचल अधिकारी ने स्थल-जांच के बाद आश्वासन दिया था, कि तीन महीने के भीतर दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित कराया जाएगा. महिलाओं का आरोप है कि अब समय बीतने के बाद फिर दुकान खोलने की तैयारी है, जो वादे का उल्लंघन है.
पुलिस के समझाने के बाद भी अडिग रहीं महिलायें
महिलाओं ने स्पष्ट किया कि उन्हें अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों से आपत्ति नहीं, लेकिन बस्ती के भीतर शराब की बिक्री-बोतलबंदी से रोज-रोज की असुरक्षा और अभद्रता का वातावरण बनता है. मौके पर नीमडीह पुलिस पहुंची और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अडिग रहीं “बच्चों के भविष्य और घर की शांति के लिए हम पीछे नहीं हटेंगी.” प्रशासन को अब यह तय करना है कि पूर्व आश्वासन के अनुरूप दुकान के स्थानांतरण की प्रक्रिया क्या होगी और स्थानीय चिंताओं का समाधान कैसे निकलेगा.
