सिमडेगा: ठेठईटांगर में विराट हिन्दू सम्मेलन, एकता और संस्कृति संरक्षण पर दिया गया जोर

  सिमडेगा: ठेठईटांगर प्रखंड मैदान में रविवार को विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ...

 

सिमडेगा: ठेठईटांगर प्रखंड मैदान में रविवार को विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में आरएसएस प्रांत प्रचारक गोपाल जी, विहिप जिलाध्यक्ष कौशल राज सिंह देव, संत उमाकांत जी, अशोक पाढ़ी जी, जिला संघ चालक श्रवण बड़ाईक, विहिप संगठन मंत्री कुलदीप सिंह, कार्यक्रम संयोजक प्रशन्न कुमार सिन्हा, कृष्णा बड़ाईक, मुरारी बमलिया सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे.

जात-पात के नाम पर बांटने वालों से सावधान रहने की अपील

मुख्य वक्ता गोपाल जी ने संबोधित करते हुए कहा कि आज से लगभग 100 वर्ष पूर्व जब देश जात-पात के आधार पर बंटा हुआ था, तब डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने आरएसएस की स्थापना कर समाज को संगठित करने का कार्य किया. उन्होंने कहा कि सनातन समाज विश्व को एक परिवार मानता है और समस्त मानवता के कल्याण की कामना करता है. उन्होंने यह भी कहा कि हम प्राचीन काल से प्रकृति, जीव-जंतुओं और पर्यावरण की पूजा करते आ रहे हैं, लेकिन आक्रांताओं ने हमारी संस्कृति और मंदिरों पर लगातार आक्रमण किए. इसके बावजूद हमारे पूर्वजों ने हमारी सभ्यता को संरक्षित रखा.

उन्होंने लोगों से अपील की कि जो ताकतें समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने का प्रयास कर रही हैं, उनसे सतर्क रहने की आवश्यकता है. उन्होंने भगवान राम और भगवान बिरसा मुंडा के उदाहरण देते हुए समाज को संगठित और जागरूक रहने का संदेश दिया.

ALSO READपलामू में सैनिक बोर्ड की स्थापना में देरी पर भड़का आक्रोश, पूर्व सैनिकों ने उठाई आवाज

धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित होने का आह्वान

विहिप जिलाध्यक्ष कौशल राज सिंह देव ने कहा कि हमें अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आना होगा. उन्होंने भगवान राम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने मर्यादा और कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए जीवन जिया. उन्होंने समाज को संगठित रहने, धर्म के नाम पर विभाजन से बचने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया.

उन्होंने संगत और पंगत की परंपरा को बढ़ावा देने की बात कही और लोगों से सप्ताह में एक दिन परिवार के साथ भजन और सामूहिक भोजन करने की अपील की. साथ ही आगामी जनगणना में अपनी धार्मिक और स्थानीय भाषा को सही तरीके से दर्ज कराने का आग्रह किया.

हजारों की मौजूदगी, समाज के अग्रज हुए सम्मानित

कार्यक्रम में संत उमाकांत महाराज, बंधु मांझी सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए. इस अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों के पुजारी, पहान पुजार और समाज के अग्रजों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में स्वागत भाषण कृष्णा बड़ाईक ने दिया.

मौके पर भुनेश्वर सेनापति, कृष्णा शर्मा, प्रफुल्ल कुमार दुबे, जयप्रकाश गुप्ता, अरुण कुमार, सुबोध महतो सहित ठेठईटांगर प्रखंड के कई कार्यकर्ता सक्रिय रूप से मौजूद रहे. इस दौरान हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, युवा और युवतियों की उपस्थिति देखने को मिली.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *