सिमडेगा: सिमडेगा पुलिस ने जलडेगा थाना क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन साइट पर हुई आगजनी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

प्रेस वार्ता में सर्किल इंस्पेक्टर भिखारी राम ने बताया कि 25 जनवरी की रात एसएमआरवी नामक कंस्ट्रक्शन कंपनी के कारीमाटी स्थित अस्थायी कैंप में खड़े वाहनों में अज्ञात उग्रवादियों ने आग लगा दी थी. घटना के दौरान उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के नाम पर पर्चा चिपकाकर लेवी की मांग भी की गई थी.
मामले की जांच के क्रम में पुलिस ने पहले ही 9 उग्रवादियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. वहीं, घटना में शामिल कुछ आरोपी फरार चल रहे थे. गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने फरार चल रहे तीन उग्रवादियों — सुनील उरांव, सुबोध बड़ाइक और शिवा सिंह — को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया. सर्किल इंस्पेक्टर ने बताया कि गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों के खिलाफ पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.
वहीं, इस कार्रवाई के बाद एक नया विवाद भी सामने आया है. गिरफ्तार अभियुक्त सुबोध बड़ाइक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने उसे 15-16 दिन पहले हिरासत में ले लिया था, लेकिन न तो उसे जेल भेजा गया और न ही परिवार से मिलने दिया गया. परिजनों ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लिखित शिकायत भी की है. बेटे को लेकर उसकी मां बिरशो देवी बेहद चिंतित और भावुक नजर आईं.
हालांकि, इस संबंध में पूछे जाने पर सर्किल इंस्पेक्टर भिखारी राम ने परिजनों के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया.
