हजारीबाग: विश्वप्रसिद्ध और ऐतिहासिक रामनवमी का आगाज भव्य तरीके से हो चुका है. वर्ष 2026 की यह रामनवमी कई मायनों में अनूठी और खास बताई जा रही है. भक्ति, शक्ति और तकनीक के संगम के बीच करीब 36 घंटों तक चलने वाले इस महा-जुलूस में प्रभु श्री राम के भक्त सड़कों पर झूमते नजर आ रहे हैं.

जामा मस्जिद रोड बना अभेद्य किला:
प्रशासन के लिए आठ किलोमीटर लंबा जुलूस मार्ग हमेशा से चुनौती रहा है, जिसमें जामा मस्जिद रोड सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण हिस्सा है.पूरे शहर में 5000 अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. जामा मस्जिद रोड में सड़क के दोनों ओर मजबूत बैरिकेडिंग की गई है ताकि जुलूस बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण तरीके से गुजर सके इस बार सुरक्षा व्यवस्था में ड्रोन और हाई-डेफिनिशन कैमरों जैसी आधुनिक तकनीक का भरपूर सहयोग लिया जा रहा है.

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107 अखाड़े और 7 लाख श्रद्धालुओं का रेला:
इस वर्ष कुल 107 अखाड़ों का जुलूस शहर की सड़कों पर उतरेगा. अनुमान लगाया जा रहा है कि पूरे उत्सव के दौरान हजारीबाग में 6 से 7 लाख श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा. रविवार सुबह पांच बजे से ही जुलूस जामा मस्जिद रोड में प्रवेश कर चुका है. कतारबद्ध तरीके से सभी अखाड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद है कि यह ऐतिहासिक कारवां 29 मार्च की रात दो बजे तक अपने गंतव्य पर संपन्न होगा.

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नेताओं और धर्म प्रचारकों की मौजूदगी:
रामनवमी के इस पावन अवसर पर हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद और प्रसिद्ध हिंदू धर्म प्रचारक भैरव सिंह भी जुलूस में सम्मिलित होने पहुंचे. हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल का सांसद सेवा केंद्र इस बार चर्चा का विषय बना हुआ है. यहां 36 घंटे तक निरंतर सेवा उपलब्ध कराई जा रही है.राम भक्तों के लिए शुद्ध पेयजल और भोजन की व्यवस्था है.चोटिल भक्तों के लिए तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस और चिकित्सा सुविधा, महिलाओं के विश्राम के लिए विशेष कक्ष और आवश्यक सुविधाएं है.

