Click Here
Click Here
Click Here

BREAKING: झारखंड को मिलेगा पहला विश्वस्तरीय ड्राइविंग ट्रेनिंग संस्थान, भारी वाहन चालकों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण,अधिसूचना जारी

रांची: झारखंड में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और भारी वाहन चालकों को पेशेवर रूप से दक्ष बनाने के लिए राज्य...

Image: AI Generated

रांची: झारखंड में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और भारी वाहन चालकों को पेशेवर रूप से दक्ष बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद, परिवहन विभाग ने जमशेदपुर में राज्य के पहले इंस्टिट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR) की स्थापना के लिए अधिसूचना जारी कर दी है.

दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने की बड़ी पहल:

वर्तमान में झारखंड में भारी वाहनों के प्रशिक्षण के लिए किसी अधिकृत या आधुनिक संस्थान की कमी है. इस कारण चालक अक्सर सड़क नियमों और तकनीकी बारीकियों से अनजान रहते हैं, जो बड़े सड़क हादसों का मुख्य कारण बनता है. केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के तहत चालकों के लिए 30 दिनों का प्रशिक्षण और 15 घंटों का व्यावहारिक अनुभव अनिवार्य है. इस संस्थान के खुलने से अब चालकों को वैध और वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे राज्य की सड़कों पर सुरक्षा मानकों में सुधार होगा.

Read Also: BREAKING: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 : स्थानीय भाषाओं को मिला महत्व, जिलावार सूची जारी, देखें लिस्ट

परियोजना की लागत और वित्तीय ढांचा:

यह संस्थान सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत बनाया जा रहा है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 22.03 करोड़ रुपये है. जिनमें केंद्र सरकार अनुदान के रूप में 17 करोड़ देगी, इसके अलावा टाटा मोटर्स 1.82 करोड़ पीपीपी पार्टनर के रूप में देगी और बाकी 3.21 करोड़ रूपया राज्य सरकार देगी.

विवाद के बाद बदला गया स्थान,अब मनपीठा में बनेगा केंद्र:

IDTR को पहले जमशेदपुर के काशीडीह में 12 एकड़ भूमि पर बनाया जाना था. साल 2019 में यहां काम शुरू भी हुआ, लेकिन स्थानीय विरोध और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों के चलते इसे रोकना पड़ा. जमशेदपुर उपायुक्त के सुझाव पर अब इसे मौजा-मनपीठा (थाना नं. 1202) में स्थानांतरित कर दिया गया है. यहां कुल 11.88 एकड़ भूमि पर संस्थान का भव्य निर्माण होगा.

Read Also: EXCLUSIVE: रेलवे में बिजली कनेक्शन से लेकर बड़े टेंडर का बिल पास कराने के लिए अवैध वसूली का खेल जारी

पारदर्शिता और रोजगार के अवसर:

सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाएगी. भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा खुली निविदा के जरिए निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा. यह प्रोजेक्ट न केवल सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि झारखंड और पड़ोसी राज्यों के युवाओं के लिए परिवहन क्षेत्र में रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा.

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *