झारखंड की 33 जनजातियों की गौरवशाली संस्कृति, कला और जीवन दर्शन से रूबरू होंगे युवा

Ranchi: राजधानी रांची का ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान एक बार फिर आदिवासी संस्कृति, स्वाभिमान और गौरवशाली गाथा का गवाह बनने जा रहा है. आगामी 9 और 10 अगस्त को आयोजित होने वाले ‘आदिवासी महोत्सव-2026 (Tribal Festival 2026) में राज्य की 33 जनजातियों की अनूठी परंपराओं, समृद्ध कला और प्रकृति-प्रेमी जीवन दर्शन को करीब से जानने व अनुभव करने का सुनहरा अवसर मिलेगा. यह महोत्सव पूरी तरह से आदिवासी समाज की वीर गाथाओं, स्वाभिमान और सांस्कृतिक विविधता को समर्पित है, जहां प्रकृति, संस्कृति और परंपरा का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा.

झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की अनूठी पहल
आदिवासी महोत्सव के इस आयोजन के तहत, झारखंड फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा 9 अगस्त को मोरहाबादी मैदान, रांची में एक विशेष फिल्म फेस्टिवल एवं मास्टर क्लास का आयोजन किया जाएगा. इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य राज्य के युवाओं और विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण की बारीकियों से जोड़ना तथा उन्हें मीडिया उद्योग के नए अवसरों से अवगत कराना है. सृजनात्मक माहौल में आयोजित होने वाले इस फिल्म फेस्टिवल के दौरान आदिवासी जीवन, स्वदेशी संस्कृति, गहरे सामाजिक सरोकारों और उत्कृष्ट सिनेमाई कृतियों पर आधारित चुनिंदा फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा. इन फिल्मों के माध्यम से दर्शकों को जनजातीय समुदायों के संघर्ष, उनकी जीवनशैली और उनकी पारंपरिक कलाओं के विभिन्न पक्षों को पर्दे पर करीब से देखने का अवसर मिलेगा.

फिल्म मेकिंग एंड करियर ऑपर्चुनिटीज पर मास्टर क्लास
युवाओं को सिनेमाई जगत की तकनीकी और रचनात्मक बारीकियों से परिचित कराने के लिए’फिल्म मेकिंग एंड करियर ऑपर्चुनिटीज इन द फिल्म इंडस्ट्री विषय पर एक विशेष मास्टर क्लास का आयोजन किया जाएगा. इस मास्टर क्लास का संचालन प्रतिष्ठित संस्थान सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता के जाने-माने विशेषज्ञों एवं प्राध्यापकों द्वारा किया जाएगा. मास्टर क्लास के दौरान प्रतिभागियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त होगा.जिसमें फिल्म निर्माण की मूलभूत तकनीकें, विजुअल स्टोरीटेलिंग (दृश्य कथानक) की कला, पटकथा लेखन (स्क्रीनप्ले राइटिंग) और निर्देशन (डायरेक्शन), डिजाइन तथा सिनेमैटोग्राफी संपादन , साउंड डिजाइन और ओटीटी/डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री के आयाम की जानकारी दी जाएगी.
संस्कृति और आधुनिक माध्यमों का महाकुंभ
यह महोत्सव केवल उत्सव का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आदिवासी समाज की पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही सांस्कृतिक थाती को आधुनिक डिजिटल युग के साथ जोड़ने का एक सशक्त मंच है. फिल्म निर्माण जैसी आधुनिक विधाओं के माध्यम से जब झारखंड के युवा आदिवासी संस्कृति की कहानियों को दुनिया के सामने लाएंगे, तो इससे न केवल स्थानीय कला को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे. प्रशासन और आयोजकों द्वारा इस दो दिवसीय महाकुंभ की तैयारियां जोरों पर हैं, और रांची सहित पूरे राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में इस आयोजन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है.
ALSO READ: CBSE भर्ती परीक्षा: Tier-II रिजल्ट का इंतजार जल्द होगा खत्म, अगस्त के मध्य से जारी होंगे परिणाम

