रांची/जमशेदपुर: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुए बहुचर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है. सोमवार को देहरादून पुलिस ने एक प्रेस वार्ता के दौरान मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस वारदात के पीछे आपसी रंजिश और गहरी साजिश थी. पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनका संबंध झारखंड के जमशेदपुर से है.

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान जमशेदपुर के राजकुमार (निवासी बागबेड़ा) और अक्षत ठाकुर उर्फ संजीव कुमार (निवासी जुगसलाई एम.ई. स्कूल रोड) के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, इन दोनों आरोपियों ने हत्या की साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और शूटरों को आर्थिक मदद (फंडिंग) मुहैया कराई थी.
छह महीने से रची जा रही थी साजिश
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि विक्रम शर्मा को ठिकाने लगाने की तैयारी पिछले साल सितंबर महीने से ही चल रही थी. आरोपियों ने पहले जमशेदपुर या नोएडा में हत्या करने की योजना बनाई थी. जमशेदपुर में विक्रम शर्मा के साथ हमेशा समर्थकों और अन्य लोगों की मौजूदगी रहती थी, जिसके कारण वहां वारदात को अंजाम देना मुश्किल था.सुरक्षित ठिकाने की तलाश में आरोपियों ने देहरादून को चुना, जहां उन्हें लगा कि वे आसानी से बच निकलेंगे.
जिम में की गई रेकी फिर दिया घटना को अंजाम
हत्या की योजना को बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया. पुलिस ने बताया कि नवंबर माह में अंकित नाम के एक युवक ने विक्रम शर्मा की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसी जिम को ज्वाइन किया जहां विक्रम जाते थे. अंकित ने कई हफ्तों तक विक्रम के आने-जाने के समय और रास्तों की रेकी की, जिसके बाद हत्या का समय और स्थान तय किया गया.
गैंगस्टर गणेश सिंह पर गहराया शक
इस हत्याकांड के तार झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर गणेश सिंह से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं. पुलिस की जांच में गणेश सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई है और उसे रडार पर रखा गया है. पुलिस की टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं.
ये आरोपी अभी भी है फरार
पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी भी कई आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. फरार आरोपियों में अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, विशाल सिंह, आकाश प्रसाद, यशराज और जितेंद्र कुमार साहू शामिल है.

