News Desk : अचानक नौकरी छूट जाए, बिजनेस में नुकसान हो जाए या घर में मेडिकल इमरजेंसी आ जाए, ऐसे हालात किसी के भी साथ हो सकते हैं. ऐसे समय में सबसे बड़ा सहारा आपका इमरजेंसी फंड बनता है. फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि हर कमाने वाले व्यक्ति के पास उसकी जरूरत और जिम्मेदारियों के हिसाब से अलग इमरजेंसी फंड होना चाहिए.

Also Read : 28 फरवरी 2026 राशिफल: कर्क राशि में चंद्रमा का प्रभाव, जानिए आपकी राशि पर कैसा रहेगा शनिवार
इमरजेंसी फंड तय करने से पहले समझें ये बातें
हर व्यक्ति के लिए इमरजेंसी फंड की राशि अलग होती है. यह आपकी मासिक आय, नौकरी या कारोबार की स्थिरता, कर्ज या ईएमआई और परिवार की जिम्मेदारियों पर निर्भर करता है. अगर फंड बहुत कम होगा तो मुश्किल समय में खर्च संभालना कठिन हो सकता है. इसलिए पहले अपने मासिक जरूरी खर्च जैसे किराया, राशन, बिल, स्कूल फीस, बीमा और दवाइयों का सही हिसाब लगाना जरूरी है.
Also Read : CBSE का बड़ा फैसला: 2026 से कक्षा 6 में अनिवार्य होंगी तीन भाषाएं, अंग्रेजी अब विदेशी भाषा की श्रेणी में
किसे कितना इमरजेंसी फंड रखना चाहिए
अविवाहित और बिना किसी कर्ज या ईएमआई वाले लोग कम से कम 3 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड बना सकते हैं. जिन लोगों पर परिवार की जिम्मेदारी है, उनके लिए 6 महीने के खर्च जितनी राशि सुरक्षित रखना बेहतर माना जाता है ताकि आय रुकने की स्थिति में घर का बजट प्रभावित न हो. वहीं जिनकी आय अनिश्चित है, जैसे बिजनेस करने वाले या फ्रीलांसर, उन्हें 9 से 12 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड तैयार रखना चाहिए. यह आर्थिक सुरक्षा का मजबूत कवच साबित होता है और मुश्किल समय में मानसिक तनाव भी कम करता है.

