रांची: झारखंड की जनता का दर्द आखिर कौन सुनेगा? अनाज नहीं मिलने की शिकायत लोग कहां करेंगे? राज्य में कई अहम आयोग और संस्थान लंबे समय से बिना अध्यक्ष के चल रहे हैं, जिससे आम लोगों की समस्याओं के समाधान पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

खाद्य आयोग में डेढ़ साल से अध्यक्ष नहीं
झारखंड राज्य खाद्य आयोग में करीब डेढ़ साल से अध्यक्ष का पद खाली है. ऐसे में अगर किसी को राशन या अनाज नहीं मिलने की शिकायत है तो उसकी सुनवाई कहां होगी, यह बड़ा सवाल बन गया है.
मानवाधिकार आयोग भी अध्यक्ष विहीन
मानवाधिकार से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए बना आयोग भी लंबे समय से अध्यक्ष विहीन है. इससे मानवाधिकार से जुड़े मामलों के निपटारे पर असर पड़ रहा है और पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हो रही है.
13 बोर्ड-निगम में अध्यक्ष का पद खाली
राज्य में कुल 13 बोर्ड और निगम ऐसे हैं, जहां अध्यक्ष का पद खाली पड़ा हुआ है. इससे इन संस्थानों के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है.
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कई संस्थान प्रभार में चल रहे
झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) फिलहाल प्रभार में चल रहा है. इसके प्रभारी अध्यक्ष आईएएस प्रशांत कुमार हैं। वहीं, झारखंड राज्य उपभोक्ता आयोग में बसंत कुमार गोस्वामी कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में काम देख रहे हैं.
लोकायुक्त और सूचना आयोग के पद भी खाली
झारखंड में लोकायुक्त और सूचना आयुक्त के पद भी लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिससे भ्रष्टाचार निरोधक और सूचना के अधिकार से जुड़े कामकाज लगभग ठप हो गए हैं. लोकायुक्त का पद जून 2021 से खाली है, जबकि राज्य सूचना आयोग में सभी प्रमुख पद मई 2020 से रिक्त हैं.
3000 से अधिक मामले लंबित
29 जून 2021 को जस्टिस डी.एन. उपाध्याय के निधन के बाद से लोकायुक्त का पद खाली पड़ा है। इसके कारण 3,000 से अधिक मामले लंबित हैं. वहीं मुख्य सूचना आयुक्त सहित छह सूचना आयुक्तों के सभी पद मई 2020 से खाली हैं. इन नियुक्तियों में देरी से शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही प्रभावित हो रही है, जिससे जनता और विपक्षी दलों का दबाव भी बढ़ता जा रहा है.
इन बोर्ड-निगम में अध्यक्ष का पद खाली

- झारखंड राज्य मानवाधिकार आयोग
- सूचना आयोग
- पिछड़ा वर्गों के लिए राज्य आयोग
- लोकायुक्त
- झारखंड राज्य खाद्य आयोग
- झारखंड राज्य महिला आयोग
- झारखंड राज्य बाल संरक्षण आयोग
- आरआरडीए (RRDA)
- डॉ. राम दयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान
- टीवीएनएल (TVNL)
- वन विकास निगम
