Ramgarh: पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ सफलता हासिल की है. एसपी मुकेश लुनायत के निर्देश पर पुलिस ने बैंक खातों के जरिए देशभर में ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इस गिरोह के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कुल 274 शिकायतें दर्ज हैं.
जाने कैसे हुआ मामले का खुलासा?
गृह मंत्रालय, भारत सरकार की I4C परियोजना के तहत संचालित ‘प्रतिबिम्ब पोर्टल’ के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि भारतीय स्टेट बैंक के एक विशेष खाता संख्या (444616958956) में संदिग्ध लेनदेन हो रहे हैं. इसके बाद एसपी के निर्देश पर डीएसपी (मुख्यालय) और साइबर अपराध थाना प्रभारी के नेतृत्व में जब जांच शुरू हुई, तो पता चला कि यह खाता गणेश इंटरप्राइजेज के नाम पर MSME योजना के तहत रजिस्टर्ड कराया गया था. इस खाते का उपयोग देश के अलग-अलग हिस्सों से अवैध रूप से राशि मंगवाने के लिए किया जा रहा था. पुलिस ने इस मामले में राहुल गुप्ता (37 वर्ष), रवि कुमार वर्मा (34 वर्ष),
रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना (40 वर्ष) और सोनू कुमार झा (34 वर्ष) शामिल है.
पुलिस को साइबर अपराधियों ने बताए ठगी के तरीके
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि राहुल और रवि ने सोनू कुमार झा के कहने पर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया था, जिसके बदले उन्हें 1.20 लाख रुपया मिले थे. रितेश अग्रवाल और सोनू झा इन खातों के माध्यम से ठगी का पैसा मंगवाते थेअपराधी ठगी के लिए ओटीपी उपलब्ध कराने, मोबाइल बैंकिंग शुरू करने और खातों का विवरण व्हाट्सएप एवं टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से अन्य साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम करते थे.
देशभर में फैला था नेटवर्क
पुलिस पोर्टल के अनुसार, इस गिरोह के खाते का इस्तेमाल कर की गई ठगी की शिकायतें लगभग पूरे भारत से मिली हैं.
मुख्य रूप से: महाराष्ट्र 48 शिकायतें,उत्तर प्रदेश 27 शिकायतें, कर्नाटक 27 शिकायतें, तमिलनाडु 25 शिकायतें, तेलंगाना 22 शिकायतें, पश्चिम बंगाल। 20 शिकायतें इस तरह से कुल 24 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से 274 शिकायतें सामने आए है.
