Ranchi: 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा परिणाम में हुई कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के मामले में जांच की आंच अब आयोग के पूर्व पदाधिकारियों तक तेजी से पहुंच रही है. इसी कड़ी में JPSC के पूर्व सदस्य जमाल अहमद बुधवार को रांची स्थित CID (अपराध अनुसंधान विभाग) मुख्यालय पहुंचे, जहां अधिकारियों की विशेष टीम उनसे पूछताछ कर रही है.
समन मिलने के बाद पूछताछ के लिए पहुंचे
CID ने 14वीं JPSC मामले की जांच के सिलसिले में जमाल अहमद को समन जारी कर हाजिर होने का निर्देश दिया था. समन के आलोक में वे निर्धारित समय पर CID मुख्यालय पहुंचे. अधिकारियों द्वारा परीक्षा प्रक्रिया, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं.
अभय तिवारी के बयान के आधार पर सत्यापन
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में पूर्व में गिरफ्तार आरोपी अभय तिवारी के बयानों के आधार पर जमाल अहमद से पूछताछ की जा रही है. CID अभय तिवारी द्वारा दिए गए बयानों और साक्ष्यों का आमना-सामना और सत्यापन करने के लिए यह कार्रवाई कर रही है.
मामले में अब तक 20 गिरफ्तारियां, पूर्व अध्यक्ष भी हो चुके हैं गिरफ्तार
14वीं JPSC गड़बड़ी मामले में CID की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. इस मामले में अब तक कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. गौरतलब है कि महज दो दिन पहले, 10 अगस्त को JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को भी CID ने गिरफ्तार किया था. पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद से ही इस मामले में शामिल अन्य उच्च पदस्थ लोगों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा था.
अन्य लोगों पर भी लटकी तलवार
जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में कई अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और संलिप्त व्यक्तियों से भी पूछताछ का सिलसिला जारी है. CID का दावा है कि फर्जीवाड़े और धांधली के इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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