कुष्ठ के खिलाफ कोडरमा में अभियान तेज, हॉटस्पॉट बड़कीधमराई में मरीजों की हुई जांच

Koderma: जिले में कुष्ठ रोग की रोकथाम और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर...

Koderma: जिले में कुष्ठ रोग की रोकथाम और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है. इसी क्रम में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी सह जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. रमण कुमार ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, उरवां और पीएचसी, तिलैया डैम में संचालित कुष्ठ संबंधी कार्यों का निरीक्षण किया.

बड़कीधमराई में मरीजों की स्वास्थ्य जांच

निरीक्षण के दौरान डॉ. रमण कुमार ने कुष्ठ हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित बड़कीधमराई गांव का दौरा किया. यहां उन्होंने इलाजरत और इलाज पूरा कर चुके कुष्ठ मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की. ग्रेड-2 विकलांगता से प्रभावित मरीजों को हाथ-पैर की देखभाल, सेल्फ-केयर और ड्रेसिंग की जानकारी दी गई, ताकि उन्हें अल्सर जैसी समस्या से बचाया जा सके.

23 संपर्क व्यक्तियों को दी गई सिंगल डोज रिफैम्पिसिन

कुष्ठ मरीजों के संपर्क में रहने वाले सभी लोगों और आसपास के 23 लोगों को बीमारी के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से सिंगल डोज रिफैम्पिसिन की खुराक दी गई. डॉ. रमण कुमार ने बताया कि बड़कीधमराई में पिछले पांच वर्षों से लगातार कुष्ठ के नए मरीज सामने आ रहे हैं. इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम नियमित रूप से गांव का भ्रमण कर रही है. मरीजों को एमडीटी समेत आवश्यक दवाएं, एमसीआर चप्पल और सेल्फ-केयर किट भी उपलब्ध कराई जा रही हैं.

पीएचसी में रिकॉर्ड और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा

इसके बाद डॉ. रमण कुमार ने पीएचसी, तिलैया डैम का निरीक्षण किया. इस दौरान विभिन्न रिकॉर्ड और रजिस्टरों की जांच की गई. संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को सभी अभिलेखों को नियमित रूप से अपडेट रखने का निर्देश दिया गया. अस्पताल के कर्मियों के साथ बैठक कर एनसीडी, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, फाइलेरिया और पैथोलॉजी समेत विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली गई. पैथोलॉजी विभाग के निरीक्षण के दौरान जांच किट को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया.

घर जाकर मरीजों की जांच करने का निर्देश

आयुष्मान आरोग्य मंदिर, उरवां में सीएचओ सुमित सिंह से उनके क्षेत्र में कुष्ठ और टीबी मरीजों की स्थिति की जानकारी ली गई. डॉ. रमण कुमार ने स्वास्थ्यकर्मियों को कुष्ठ मरीजों के घर जाकर नियमित स्वास्थ्य जांच करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि मरीजों की समय-समय पर जांच से कुष्ठ के कारण होने वाली विकलांगता को शुरुआती स्तर पर रोकने में मदद मिलेगी.

स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान फिजियोथैरेपिस्ट राजीव रंजन, सीएचओ निजू रानी, सुमित कुमार, एमपीडब्ल्यू प्रदीप कुमार, एएनएम प्रीति कुमारी, जयंती टोप्पो, बबीता तिर्की, आर्यक शर्मा, एसटीएलएस विकास कुमार, स्मिता कुमारी, कुणाल, नीलम देवी और चंद्रकांती समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.

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