Chaibasa: जैंतगढ़ क्षेत्र में बिजली की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. अनियमित और बाधित विद्युत आपूर्ति से परेशान लोगों को नए फीडर के निर्माण से राहत की उम्मीद थी. फीडर तैयार होने के बावजूद अब तक इसे चालू नहीं किए जाने से स्थानीय लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है. जानकारी के अनुसार, जैंतगढ़ के लिए कसेरा ग्रिड से बाईपास के माध्यम से नया फीडर तैयार किया गया है. इसके लिए खंभे गाड़ने के साथ नए तार भी लगाए जा चुके हैं. अब कुछ आवश्यक उपकरण और संयंत्र स्थापित कर विद्युत व्यवस्था शुरू की जानी है. इसके बावजूद विभाग की ओर से फीडर चालू करने की दिशा में अब तक अपेक्षित पहल नहीं हुई है.

जर्जर लाइन के कारण आए दिन बिजली बाधित
स्थानीय लोगों के अनुसार, जैंतगढ़ तक जाने वाली 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन काफी जर्जर हो चुकी है. कई जगह खंभे झूल रहे हैं. वहीं कसेरा ग्रिड पर पहले से ही अधिक लोड है. शाखा लाइनों का नेटवर्क भी काफी लंबा है. पादा पहाड़ तक करीब 30 किलोमीटर और डीपीएस क्षेत्र तक करीब 25 किलोमीटर तक विद्युत तार फैले हैं. लंबी लाइन होने के कारण आए दिन अलग-अलग जगहों पर फॉल्ट हो जाता है, जिससे घंटों बिजली बाधित रहती है.
एक माह पहले मिला था जल्द चालू करने का आश्वासन
समाजसेवी रवि पोद्दार ने कहा कि जनता ने लंबे संघर्ष के बाद हाटगम्हरिया से अलग कसेरा ग्रिड की व्यवस्था कराई थी. इसके बाद जैंतगढ़ के लिए अलग फीडर की मांग को लेकर भी लगातार प्रयास किया गया. उन्होंने बताया कि कनीय अभियंता ने करीब एक माह पहले एक सप्ताह से 10 दिनों के भीतर फीडर चालू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इसे चालू नहीं किया गया.
एक सप्ताह का अल्टीमेटम
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर जैंतगढ़ फीडर को चालू नहीं किया गया तो बिजली कार्यालय का घेराव किया जाएगा. जरूरत पड़ने पर ग्रामीण उपायुक्त, सांसद, मंत्री और मुख्यमंत्री से भी मिलकर समस्या से अवगत कराएंगे. लोगों का कहना है कि नया फीडर तैयार होने के बावजूद बिजली आपूर्ति शुरू नहीं होना उनकी परेशानी को और बढ़ा रहा है.

