Ranchi: राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विकास योजनाओं और महिला कल्याणकारी कार्यक्रमों को अब और अधिक धार मिलने वाली है. झारखंड सरकार ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गनिर्देशन और राज्य सेवा संवर्ग नियमावली, 2019 के आलोक में एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है. इसके तहत समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत कार्यरत 902 महिला पर्यवेक्षिकाओं को चरणबद्ध तरीके से विशेष बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. इस पूरी कार्ययोजना के लिए सरकार ने 2,73,99,600 रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है.

राज्य ग्रामीण विकास संस्थान के माध्यम से होगा प्रशिक्षण
- यह महत्वकांक्षी प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य सरकार के तत्वावधान में संचालित राज्य ग्रामीण विकास संस्थान के माध्यम से निष्पादित किया जाएगा.
- कुल 902 महिला पर्यवेक्षिकाओं को 50-50 के बैचों में विभाजित किया गया है.
- इन्हें कुल 18 बैचों में प्रशिक्षित किया जाएगा.
- प्रत्येक बैच के लिए 26 दिवसीय जॉब ट्रेनिंग कोर्स का निर्धारण किया गया है.
प्रशिक्षण की गुणवत्ता को सर्वोच्च स्तर पर रखने के लिए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सर्ड के संकाय सदस्य, सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान के क्षेत्रीय विशेषज्ञ, साथ ही यूनिसेफ और अन्य तकनीकी सहयोगी संस्थाओं के प्रशिक्षकों का बहुमूल्य सहयोगात्मक मार्गदर्शन प्राप्त होगा.
जमीनी स्तर पर दिखेगा व्यापक बदलाव
- बाल स्वास्थ्य एवं पोषण: कुपोषण दूर करने और बच्चों के शारीरिक विकास से जुड़े आधुनिक तौर-तरीके.
- प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा: आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों की आरंभिक शिक्षा और मानसिक विकास की नींव मजबूत करना.
- सामुदायिक सहभागिता और अभिसरण: विभिन्न विभागों के साथ बेहतर तालमेल बैठाकर योजनाओं को धरातल पर उतारना.
- डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली: आधुनिक तकनीकी माध्यमों से आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी और प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करना.

