BPSC परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के एक बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कार्रवाई तक पहुंच गया है. सोमवार को आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए बयान पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारी को निलंबित करने का निर्देश दिया है. सामान्य प्रशासन विभाग को आगे की कार्रवाई करने को कहा गया है.

बयान के बाद सोशल मीडिया पर मचा बवाल
TRE-4 परीक्षा को लेकर BPSC की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने अभ्यर्थियों की मांगों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों का जवाब दिया. इसी दौरान उन्होंने एक कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा, “हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार.” बयान का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं. छात्र संगठनों और राजनीतिक नेताओं ने भी परीक्षा नियंत्रक के बयान पर सवाल उठाए.
सफाई के बावजूद सरकार ने लिया एक्शन
विवाद बढ़ने के बाद राजेश कुमार सिंह ने अपने बयान को लेकर सफाई दी. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था और उन्होंने सिर्फ एक लोकोक्ति का इस्तेमाल किया था. उन्होंने किसी की भावना आहत हुई हो तो खेद भी जताया. हालांकि, उनकी सफाई के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ. मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए अधिकारी के निलंबन का निर्देश जारी कर दिया.
TRE-4 को लेकर पहले से नाराज हैं अभ्यर्थी
BPSC की प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय हुई, जब TRE-4 के अभ्यर्थी परीक्षा के पैटर्न को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थी धरना दे रहे हैं. उनकी मांग है कि TRE-4 की परीक्षा एक चरण में कराई जाए और निगेटिव मार्किंग खत्म की जाए. आयोग ने दोनों मांगों को मानने से इनकार करते हुए साफ किया है कि परीक्षा दो चरणों में ही आयोजित होगी और निगेटिव मार्किंग का प्रावधान भी लागू रहेगा.
राजनीतिक दबाव के बीच सरकार का फैसला
परीक्षा नियंत्रक के बयान को लेकर विपक्ष और जन सुराज की ओर से भी सवाल उठाए गए थे. अधिकारी से माफी मांगने की मांग के बीच मुख्यमंत्री के निलंबन संबंधी निर्देश से साफ है कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है.
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