न्यूज वेव डेस्क
भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 2026 वर्ल्ड कप अभियान निराशाजनक अंदाज में खत्म हो गया. सेमीफाइनल की उम्मीद बचाए रखने के लिए अर्जेंटीना के खिलाफ जीत बेहद जरूरी थी, लेकिन भारतीय टीम दबाव वाले इस मुकाबले में शुरुआत से ही पिछड़ गई और अंततः 3-5 से हार गई.

छह मिनट में ही भारत पर पड़ा भारी दबाव
मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए बेहद खराब रही. अर्जेंटीना ने शुरुआती छह मिनट के भीतर दो गोल दागकर भारतीय टीम को बैकफुट पर धकेल दिया. भारत ने सुखजीत सिंह के गोल से वापसी की कोशिश की, लेकिन अर्जेंटीना ने अपनी बढ़त बनाए रखी. पहले हाफ के बाद स्कोर 2-1 से अर्जेंटीना के पक्ष में था. भारत के पास वापसी का मौका था, लेकिन निर्णायक मौकों पर टीम गोल में तब्दील नहीं कर सकी.
तीसरे क्वार्टर में मुकाबला भारत के हाथ से निकला
तीसरे क्वार्टर में अर्जेंटीना ने लगातार दबाव बनाया और दो और गोल कर अपनी बढ़त 4-1 कर दी. भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर के मौके भी मिले, लेकिन उनका फायदा नहीं उठाया जा सका. अंतिम क्वार्टर में अर्जेंटीना ने पांचवां गोल कर भारत की मुश्किलें और बढ़ा दीं. इसके बाद सुखजीत सिंह और हार्दिक सिंह ने गोल कर अंतर जरूर घटाया, लेकिन तब तक मुकाबला भारत के हाथ से निकल चुका था.
सेमीफाइनल की उम्मीद हुई खत्म
अर्जेंटीना से मिली हार के साथ भारतीय टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई. इससे पहले भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराकर दूसरे चरण में जगह बनाई थी, लेकिन आगे के मुकाबलों में प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. भारत ने आखिरी बार 1975 में हॉकी वर्ल्ड कप जीता था. उसके बाद से टीम खिताब हासिल नहीं कर सकी है. 2026 में खिताबी सूखा खत्म करने की उम्मीद के साथ उतरी टीम का सफर एक बार फिर निराशाजनक परिणाम के साथ समाप्त हुआ.
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